मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को रायपुर के अंबेडकर चौक पर आयोजित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह में शामिल हुए। आयोजकों की मांग पर उन्होंने चौक पर स्थापित बाबा साहब की पुरानी प्रतिमा की जगह 20 फीट ऊंची नई प्रतिमा लगाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने मंगल भवन के लिये 50 लाख रुपए और देवेन्द्रनगर स्थित बौद्ध विहार में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 50 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की हैं।
आयोजन के बाद प्रेस से चर्चा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, अभी जो प्रतिमा यहां स्थापित है वह पुरानी हो चुकी है। उसमें कुछ क्रेक भी आ गए हैं। ऐसे में नगर निगम को निर्देशित किया है कि यहां 20 फीट ऊंची प्रतिमा लगाया जाए। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, बाबा साहेब अंबेडकर ने दलित, शोषित और वंचितों के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। वे जन्म से लेकर मृत्युपर्यंत दलितों के उद्धार में लगे रहे। उन्होंने सामाजिक दंश झेलने के बावजूद भी उच्च शिक्षा प्राप्त की और समाज की सेवा और उत्थान में जुड़ गए।मुख्यमंत्री ने कहा, बाबा साहब अंबेडकर ने मंत्र दिया था, शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। शिक्षा ही हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों का भान कराती है। जब हमें अपने कर्तव्य का भान होता है, हम अपनी उपेक्षा के विरुद्ध सोचते हैं। यही विचार हमें संघर्ष की प्रेरणा देती है। और संघर्ष संगठित होकर ही किया जाता है। आयोजन में आबकारी मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष पंकज शर्मा, रायपुर महापौर ऐजाज ढेबर, गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष केपी खांडे आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, बाबा साहब के रास्तों पर चलते हुए हमारी सरकार ने जाति प्रमाण पत्र का सरलीकरण किया है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां यदि माता-पिता के पास जाति प्रमाण पत्र है तो बच्चे को पैदा होते ही उसका जाति प्रमाण पत्र दे दिया जाता है। बाबा साहब ने शिक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया। उनकी नीति को आत्मसात करते हुए हमने आज लिए निर्णय में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल जहां बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में उत्कृष्ट शिक्षा दी जाती है, वहां कक्षा में प्रवेश 40 से बढ़ाकर 50 बच्चों की व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं।