दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को 461 नए मामले दर्ज किए गए। पिछले 48 दिनों में ये सबसे ज्यादा मामले हैं। इससे पहले 27 फरवरी को 484 मामले दर्ज किए गए थे। राजधानी में पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 5.33% पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में कोरोना से दो मरीजों की मौत हो गई। 15 मार्च के बाद यह पहली बार है जब दिल्ली में एक से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में पॉजिटिविटी रेट 5% से अधिक रहता है, तो सरकार पाबंदियां लगा सकती है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) शहर में कोविड -19 स्थिति की समीक्षा करने के लिए बुधवार को बैठक करने वाला है। इसमें कोरोना की रोकथाम को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है।
दिल्लीवासियों का कहना है कि बढ़ते मामले कोरोना की नई लहर के आने का संकेत हो सकता है। उधर, डॉक्टरों का कहना है कि भले ही संक्रमण बढ़ रहा है, लेकिन यह पिछली लहरों के मुकाबले गंभीर नहीं होगा। एम्स के पूर्व डीन डॉ एन के मेहरा ने कहा कि लोगों को कोरोना से बचाव के लिए खुद ही उपाय करने चाहिए जैसे सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना, हाथ धोते रहना, सफाई का ध्यान रखना आदि।
दिल्ली में अप्रैल की शुरुआत से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन कम लोगों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी है। सरकारी डेटा के अनुसार, दिल्ली में कोविड-19 के लिए कुल 9,735 बेड हैं। उनमें से, वर्तमान में केवल 59 (0.61%) पर मरीज भर्ती हैं। इसमें 29 पॉजिटिव मामले और 30 संदिग्ध मामले शामिल हैं।इससे पहले दिल्ली में गुरुवार को कोरोना के 366 मामले दर्ज किए गए, जबकि पॉजिटिविटी रेट 3.95% रहा। वहीं, शुक्रवार को कोरोना के 325 मामले दर्ज किए गए, जबकि पॉजिटिविटी रेट 2.39% रहा। पिछले 1 हफ्ते में पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 5 फीसदी से ऊपर पहुंच गया है।दिल्ली ने मार्च 2020 में कोविड -19 का अपना पहला मामला दर्ज किया। पिछले साल, अप्रैल-मई में शहर में दूसरी लहर देखी गई थी। वहीं, तीसरी लहर इस साल की शुरुआत में चरम पर पहुंच गई और 13 जनवरी को दिल्ली में 28,867 मामले दर्ज किए गए। 14 जनवरी को पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 30.6% हो गया था, जो तीसरी लहर में सबसे ज्यादा था।