ईद तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का अल्टीमेटम देने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) चीफ राज ठाकरे ने पुणे में हनुमान चालीसा पढ़ी। पुणे के कुमठेकर रोड पर स्थित खालकर चौक पर बने मारुती मंदिर के बाहर आयोजित कार्यक्रम में राज हजारों समर्थकों के साथ शामिल हुए। उन्होंने महाआरती भी की है।
इधर, कार्यक्रम से पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक बार फिर राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जो लोग हनुमान चालीसा का पाठ करने का दावा करते हैं, वे इसकी पहली दो चौपाई भी दिल से नहीं कह सकते। वे राष्ट्रगान और वंदे मातरम् का पाठ भी नहीं कर सकते।’शिवसेना नेता राउत ने कहा, “सांप्रदायिक दंगे की स्थिति पैदा करना और चुनाव जीतना अब एक पैटर्न और पैकेज है। लेकिन यह देश को टुकड़ों में बांट देगा। मान्य डेसिबल सीमा तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति है। लाउडस्पीकर की राजनीति सामाजिक अशांति की ओर ले जा रही है। राउत ने कहा, ‘यहां तक कि दो महान हिंदुत्व नेताओं स्वातंत्र्यवीर सावरकर और बालासाहेब ठाकरे ने भी इस मुद्दे को नहीं उठाया। किसी को ऐसा नहीं करना चाहिए।’मनसे के आज के पुणे के आयोजन से पहले मुंबई में युवा सेना चीफ आदित्य ठाकरे अपने दादा प्रबोधन ठाकरे द्वारा स्थापित मुंबई के गिरगांव स्थित सीपी टैंक हनुमान मंदिर में पहुंचे। यहां उन्होंने हजारों समर्थकों संग आरती की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस कार्यक्रम के बाद आदित्य ठाकरे ने कहा है कि मैं अयोध्या जाऊंगा, तारीख जल्द बताऊंगा।
इससे पहले संजय राउत द्वारा राज ठाकरे की तुलना AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी से करने से नाराज मनसे कार्यकर्ताओं ने शिवसेना के मुखपत्र कहे जाने वाले ‘सामना’ अखबार के दफ्तर के बाहर राज ठाकरे की तस्वीर वाला एक बड़ा पोस्टर लगाया था। इसमें संजय राउत को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि कुछ साल पहले मनसे के कार्यकर्ताओं ने संजय राउत की कार को पलट दिया था। क्या इसे दोहराया जाना चाहिए? इस पोस्टर में लिखा गया है कि संजय राउत अपना लाउडस्पीकर बंद करें, नहीं तो मनसे अपने स्टाइल में इसे बंद कराएगी।
इस बीच सीएम उद्धव ठाकरे के घर ‘मातोश्री’ के बाहर भारी संख्या में शिवसैनिक जमा हो गए हैं। वे शिवसेना के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं। असल में आज ही सांसद नवनीत राणा ने मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की चेतावनी दी थी। माना जा रहा है कि उसे रोकने के लिए ही सैंकड़ों की संख्या में शिवसैनिक हाथों में भगवा ध्वज लेकर यहां पहुंचे हैं। टकराव को देखते हुए मातोश्री के बाहर भारी संख्या में फोर्स तैनात है।