बिहार के पूर्व CM और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने अब धार्मिक जुलूस को लेकर बयान दिया है। धार्मिक जुलूस को देश की अखंडता और एकता के लिए खतरा बताते हुए उन्होंने PM नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और CM नीतीश कुमार से देश में धार्मिक जुलूस बंद करने की मांग की है।
मांझी ने ट्वीट कर कहा, ‘अब वक्त आ गया है जब देश में हर तरह के धार्मिक जुलूस पर रोक लगा दी जाए। धार्मिक जुलूसों के कारण देश की एकता और अखंडता खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है। इसे तुरंत रोकना होगा।’
मांझी धर्म पर लगातार विवादित बयान देते आ रहे हैं। अभी 4 दिन पहले ही उन्होंने भगवान राम पर भी विवादित बयान दिया था। 15 अप्रैल को सिकंदरा की एक सभा में उन्होंने श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा कर दिया था। श्रीराम को उन्होंने वाल्मीकि और तुलसीदास के एक काव्य का पात्र भर बता दिया था।
इससे पहले पिछले साल सितंबर में भी जीतन राम मांझी भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने कहा था कि हम रामायण की कहानी को सत्य नहीं मानते हैं। अगर राम को कहा जाए कि वो महापुरुष थे, जीवित थे, तो इस बात पर मैं विश्वास नहीं करता हूं।आजकल गरीब तबके के लोगों में धर्म के प्रति ज्यादा लगाव हो रहा है। सत्यनारायण भगवान की पूजा का नाम हम लोग नहीं जानते थे। अब हर टोला में हम लोगों के यहां सत्यनारायण भगवान की पूजा होती है।’ उन्होंने कहा- “इतना भी शर्म लाज नहीं लगता कि पंडित आते हैं, कहते हैं कि कुछ नहीं खाएंगे आपके यहां बस कुछ नकद दे दीजिए’