रूस-यूक्रेन जंग

रूस-यूक्रेन जंग

पोलैंड और बुलगारिया के अधिकारियों ने रूस पर आरोप लगाया है कि रूबल में कारोबार न कर पाने की वजह से राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने नेचुरल गैस की डिलीवरी रोक दी है। दरअसल यूक्रेन पर हमले के बाद दुनिया के बड़े देशों ने रूस पर कई तरह के बैन लगा दिए थे, जिसके बाद रूस ने अपनी करेंसी रूबल में कारोबार करने का फैसला लिया था।यूक्रेन के राष्ट्रपति ने 26 अप्रैल को चेर्नोबिल पावर प्लांट में 1986 में हुए परमाणु हादसा की बरसी पर मीडिया से बात की। जेलेंस्की ने कहा कि 1986 के बाद पहली बार किसी देश पर इतना बड़ा परमाणु सुरक्षा संकट पैदा हुआ है। यूक्रेनी राष्ट्रपति का इशारा रूस के संभावित परमाणु हमले की तरफ था।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को रूस की राजधानी मॉस्कों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं शांतिदूत बनकर आया हूं। मेरी कोशिश है कि लोगों की जान बचाई जा सके। गुटेरेस ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की।

UN के प्रवक्ता ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति और UN चीफ के जंग से बुरी तरह प्रभावित इलाकों से लोगों को बाहर निकालने पर सहमति बनी। इसमें मारियुपोल जैसे इलाके भी शामिल हैं।रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से यूरोपीय देशों ने 50 हजार यूरो से ज्यादा के लग्जरी सामान के रूस को निर्यात पर रोक लगा दी है। इससे कैडिलक, फरारी, मर्सिडीज व लेक्सस सहित 8000 से अधिक कारें महीने भर से बेल्जियम के जेब्रुज बंदरगाह पर धूल खा रही हैं। जेब्रुज बंदरगाह यूरोप का सबसे बड़ा वाहन ट्रांसपोर्ट बंदरगाह है, जहां से सालाना 2 करोड़ से ज्यादा कारें परिवहन की जाती हैं।

पोलैंड ने रूस को एनर्जी बिल का भुगतान रूबल में करने से इनकार कर दिया है। जिससे बौखला कर रूस ने पोलैंड दी जाने वाली नेचुरल गैस में कटौती करने की बात कही है। पोलैंड की सरकारी एनर्जी कंपनी PGNiG का कहना है कि उसकी कुल नेचुरल गैस का 45% हिस्सा रूस से आता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *