प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोपीय दौरे के पहले दिन जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुंच गए हैं। यहां उन्होंने जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से मुलाकात की। दोनों डेलीगेशन लेवल की वन-टू-वन मीटिंग में शामिल हुए। दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी के बीच ग्रीन एनर्जी को लेकर अहम एग्रीमेंट पर साइन किए। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया। संयुक्त संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा- यूक्रेन पर हमने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। हम हमेशा शांति के पक्षधर रहे हैं।भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्वीट में कहा, पीएम मोदी और चांसलर ओलाफ स्कोल्ज आपस में वन-टू-वन मीटिंग के बाद बाइलेटरल डिस्कशंस में शामिल होंगे। स्कोल्ज के दिसंबर, 2021 में चांसलर बनने के बाद से यह दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच दूसरी मुलाकात है। इसे आपस में रणनीतिक साझेदारी बरकरार रखने के लिए जरूरी हाई मोमेंटम एक्सचेंज के तौर पर देखा जा सकता है।
पीएम मोदी भारतीय समयानुसार 1 मई की रात बर्लिन पहुंचे। वहां होटल एडलॉन केम्पिंस्की में उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने एक बच्चे से गाना भी सुना। PM से मिलते हुए कुछ लोगों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए। बर्लिन में PM मोदी का स्वागत करने एक बच्ची मान्या मिश्रा भी पहुंची।
बच्ची ने बताया कि मोदी जी से मिलकर बहुत अच्छा लगा। मैंने उन्हें कहा कि मुझे गर्व है कि आप हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं। मैंने उन्हें अपनी पेंटिंग दिखाई, उन्होंने इस पर अपना ऑटोग्राफ भी दिया।
वहीं, भारतीय मूल के गौरांग कुटेजा ने कहा कि हम PM मोदी की एक झलक पाने के लिए उत्साहित थे। हम 400 किमी की दूरी तय करके बर्लिन आए। PM मोदी ने भारतीय मूल के सभी लोगों का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया। हम सभी प्रधानमंत्री के संबोधन के इंतजार में हैं।
इसके बाद, PM 3 मई को इंडो-नॉर्डिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, फिर डेनमार्क की राजधानी कोपेन हेगन में भी भारतीयों को संबोधित करेंगे। सबसे आखिर में PM मोदी पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। यह PM का इस साल का पहला विदेशी दौरा है। वह 2 से 4 मई की अपनी इस यात्रा में तीन यूरोपीय देश जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस जाएंगे।
पीएम मोदी ने बर्लिन पहुंचते ही ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि वह चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से बात करेंगे। इसके अलावा व्यापारिक नेताओं के साथ बैठक और एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे। उन्हें विश्वास है कि यह यात्रा भारत और जर्मनी की दोस्ती को बढ़ावा देगी।’
इसके बाद PM मोदी 3 मई को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन पहुंचेंगे। यहां पर वो 3 और 4 मई को प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ एक बाइलेटरल कार्यक्रम और दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके साथ ही आर्थिक सुधार, जलवायु परिवर्तन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
शिखर सम्मेलन के दौरान PM मोदी चार और नॉर्डिक देश के नेताओं से मिलेंगे। नॉर्डिक रीजन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन शामिल हैं।