कोरोना अपडेट्स:देश में 24 घंटे में 2897 नए मामले

कोरोना अपडेट्स:देश में 24 घंटे में 2897 नए मामले

देश में थोड़ी सी राहत के बाद बुधवार को डेली कोरोना मामलों में 26% और कोरोना से होने वाली मौत में 44% वृद्धि दर्ज की गई है। बुधवार को कोरोना के 2897 नए केस, जबकि 54 मौतें दर्ज की गई हैं। सोमवार को 2288 केस आए थे और 10 मौत हुई थी। रविवार को 2893 नए केस मिले थे, जबकि शनिवार को 3765 नए मामले मिले थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, डेली पॉजिटिविटी रेट 0.61% और वीकली पॉजिटिविटी रेट 0.74% हो गया है। पिछले 24 घंटे में 2908 लोग कोरोना से रिकवर हुए है, जिसके बाद ठीक होने वालों की संख्या 4 करोड़ 55 लाख के पास पहुंच गई है, जबकि मरने वालों की संख्या 5 लाख 24 हजार के पास पहुंच गई है।कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 54 है, जिसमें से 48 सिर्फ केरल में दर्ज की गई है, जबकि दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक-एक मौत दर्ज की गई है। इसके बाद कोरोना से कुल मौत के आंकड़े महाराष्ट्र में 1,47,849, केरल में 69,325, दिल्ली में 26,183, उत्तर प्रदेश में 23,511 हो गए हैं।

मध्यप्रदेश में बुधवार को कोरोना के 45 नए केस सामने आए हैं, जिसके बाद कुल केस 10 लाख 42 हजार के करीब पहुंच गए हैं। राज्य में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है, जिसकी वजह से कोरोना से मरने वालों की संख्या 10,735 पर ही बनी हुई है। पॉजिटिविटी रेट प्रति 100 टेस्ट के हिसाब से 0.5% है। राज्य में कोरोना के 7,763 टेस्ट किए गए।

वहीं राजस्थान में 71 नए मामले मिले हैं, जबकि एक भी मौत नहीं हुई है। राजस्थान में कोरोना एक्टिव केस 625 हैं और कुल मामले 12 लाख 85 हजार के करीब पहुंच गए हैं। राज्य में बुधवार को 6777 टेस्ट किए गए।

पुणे की सिम्बॉयसिस यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखाटाया है। कर्मचारी को कोरोना की पूरी डोज लगवाने तक बिना सैलरी के छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया है। यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों के पास HR डिपार्टमेंट से मेल आया जिसमें जिन कर्मचारियों को कोरोना की पूरी डोज नहीं लगी है उन्हें वैक्सीन लगवाने तक बिना सैलरी के छुट्टी पर जाने की बात लिखी थी। साथ ही जब तक कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट नहीं देते तब तक ऑफिस नहीं आने को कहा गया था।

याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा कि ऑफिस से आए मेल को गलत घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें काम पर वापस बुलाना चाहिए और इस अवैध नोटिस से हुए नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।

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