छत्तीसगढ़ ने PFRDA से मांगा 17,240 करोड़:पुरानी पेंशन योजना के लिए जरूरी है

छत्तीसगढ़ ने PFRDA से मांगा 17,240 करोड़:पुरानी पेंशन योजना के लिए जरूरी है

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत नारायणपुर के बाद बस्तर के भानपुरी और कोंडागांव जिले के मर्दापाल पहुंचे। यहां CM ने जनचौपाल लगाई। भानपुरी में लगभग 9 करोड़ 20 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। वहीं मर्दापाल में CM ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, मिनी हॉकी स्टेडियम समेत कई जगह पुल-पुलिया बनाने की घोषणा की है।

मर्दापाल पहुंचे मुख्यमंत्री का किसानों समेत आदिवासी समाज के लोगों ने स्वागत किया। CM ने वहां विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। जिसके बाद यहां चौपाल लगाई। मुख्यमंत्री ने चौपाल में कहा कि, मैंने अभी अस्पताल देखा फिर देवगुड़ी जाकर सुख-शांति की कामना की। आवर्ती चराई की 25 एकड़ की चराई योजना देखी। यहां बेहतर काम हो रहे हैं। आप लोगों के बीच आकर बहुत खुश हूं।उन्होंने कहा कि हम लोग गरीबों के लिए, ग्रामीणों के लिए योजना बनाते हैं। हमारा मकसद यह जानना है कि आपको इनका लाभ मिल रहा है या नहीं। कोरोना जैसे कठिन समय में भी हमने हितग्राहीमूलक योजनाओं से मिलने वाले लाभ ग्रामीणों को दिए। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2005 से पहले के रहवासियों को नियमानुसार पट्टा मिलेगा। जिसके क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया और कहा है कि नियमानुसार कोई भी पात्र हितग्राही का वनाधिकार पट्टा नहीं रूकना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठान की जैसी परिकल्पना हमारी होती है, मर्दापाल का गौठान उससे भी खूबसूरत है। यहां विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों का संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बायो फ्लॉक तरीके से हो रहे मछलीपालन को देखा। यहां कम जगह में ही बड़े पैमाने पर मछलियों का उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस नवाचार की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि पशुपालन पर ध्यान देकर पूरा क्षेत्र आर्थिक रूप से बेहतरीन स्थिति में आ सकता है।

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