विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। सत्र शुरू होते ही सपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। एक घंटे 10 मिनट तक राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण चला। इस दौरान सपा विधायक ‘राज्यपाल वापस जाओ’ के नारे लगाते रहे। सपा विधायक वेल तक पहुंच गए और सरकार विरोधी, महंगाई और बेरोजगारी के पोस्टर लहराए। इसके बाद कार्यवाही मंगलवार को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
योगी सरकार 2.0 का यह पहला बजट सत्र है। 6 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में सरकार 26 मई को अपना बड़ा बजट पेश करेगी। यह बजट 6.5 लाख करोड़ का होगा। बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले CM योगी ने मीडिया से बात की।बजट सत्र शुरू होने से पहले योगी ने कहा, “गंभीर और प्रभावी बहस के साथ बजट पास हो। यह 2022-23 का बजट रहेगा। 25 करोड़ लोगों के विकास के लिए, गरीबों के कल्याण और समाज के हर वर्ग का बजट में ध्यान रहेगा।”बजट सत्र में 7 विधेयक और 4 अध्यादेश सदन के सामने रखे गए हैं। इनमें भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय अध्यादेश 2022, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश 2022, उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास संशोधन अध्यादेश 2022 और उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश 2022 शामिल हैं। इन्हें सर्वसम्मति से पास किया जाएगा।
इस बार विधानसभा में भाजपा के 255 विधायक हैं। इसके अलावा उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 12 और निषाद पार्टी के 6 सदस्य हैं। इस तरह सत्ता पक्ष के कुल 273 विधायक हैं। दूसरी ओर विपक्ष इस बार ज्यादा मजबूत हुआ है। मुख्य विपक्षी दल सपा के 111 विधायक हैं। साथ ही, उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल के 8 और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 6 विधायक हैं। इस तरह सपा प्लस की कुल विधायक संख्या 125 है।
वहीं, कांग्रेस और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के 2-2, तो बहुजन समाज पार्टी का एक सदस्य है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधानमंडल के बजट सत्र से पहले जोर देकर कहा कि पहले सत्र से ही सदन प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।