छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की अंदरुनी इलाके की महिलाएं अब इंग्लैंड का सफर करेंगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महिलाओं की टिकट करवाएंगे। भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत CM ने महिलाओं को इंग्लैंड भेजने का वादा किया है। कटेकल्याण में आयोजित जनचौपाल में जब नक्सलगढ़ की महिलाओं ने भूपेश बघेल को बताया कि, उनका महुआ इंग्लैंड जा रहा है। विदेश से भारी डिमांड आ रही है। यह सुन CM भी बेहद खुश हुए और महिलाओं को भी इंग्लैंड टूर कराने का वादा कर दिया।
दरअसल, दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित गांव मासोड़ी की रहने वाली पार्वती मौर्य ने बताया कि, वह 10 महिलाओं के साथ मिलकर ‘महिला उत्थान’ स्व सहायता समूह चलाती हैं। वे पहले परंपरा अनुसार महुआ बीनने का काम करती थीं। महुआ बीनने में 3 से 4 घंटे का समय लगता था। वहीं, पेड़ से नीचे गिरने के बाद धुल से महुआ की क्वालिटी भी खराब हो जाती थी। बाजार में दाम भी कम मिलते थे। अब शासन-प्रशासन ने समूह की महिलाओं को नेट वितरित किया है।
इस नेट को महुआ के पेड़ में बांधने से महुआ सीधे नेट में गिरता है और इकट्ठा करने में महज 10 से 15 मिनट लगते हैं। इससे समय की बचत के साथ महुआ की गुणवत्ता भी अच्छी होती है। पिछले 2 सीजन में इसी तरह से महुआ का संकलन कर समूह ने करीब 7 से 8 लाख रुपए कमा लिए हैं। पार्वती ने बताया कि एक-एक महिला के खाते में 40 हजार रुपए आएं हैं। अब आमदनी अच्छी हो रही है। वे प्रति किलो महुआ 100 रुपए से ज्यादा की कीमत में बेचती हैं। महुआ की अच्छी गुणवत्ता देख इंग्लैंड से भी भारी डिमांड आ रही है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महिलाओं से कहा कि उनका महुआ 116 रुपए प्रति किलो में बिक रहा है। कुछ साल पहले यही महुआ 30 से 40 रुपए प्रति किलो की दर से बिकता था। सरकार के प्रयास से महिलाओं की आय डबल हो गई है। दंतेवाड़ा की तस्वीर बदल रही है। यह बदलता दंतेवाड़ा का एक बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने समूह की महिला पार्वती से कहा कि अब तक आप लोगों का महुआ इंग्लैंड जा रहा था। अब आप भी जाएंगी, जल्द भेजेंगे।