भारत में ओमिक्रॉन BA.5 वैरिएंट का दूसरा मरीज मिला है। दक्षिण अफ्रीका का रहने वाला ये शख्स 1 मई को अपने पैरेंट्स से मिलने के लिए गुजरात के वडोदरा पहुंचा। 29 साल के इस व्यक्ति के बारे में वडोदरा नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेल ने कहा कि कोरोना वायरस की निगेटिव रिपोर्ट के बाद वह 10 मई को न्यूजीलैंड निकल गया था। जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए टेस्ट सैंपल गांधीनगर की लैब में भेजा गया था। मंगलवार को रिपोर्ट आने के बाद यह खुलासा हुआ।
इधर, देश में अभी भी रोजाना एक हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में कुल 1,135 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 1,268 मरीज ठीक हो गए। अच्छी बात ये है कि पहली बार किसी मरीज की मौत नहीं हुई। अभी 13 हजार 636 मरीजों का इलाज चल रहा है।
महामारी की शुरुआत से अभी तक देश में 4.31 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। 4.25 करोड़ ठीक हुए हैं, जबकि 5 लाख से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई है।
फाइजर और बायोटेक की वैक्सीन के तीन डोज 6 महीने से लेकर 5 साल तक के बच्चों पर 80 फीसदी प्रभावी पाए गए हैं। वैक्सीन के तीन डोज बच्चों में ओमिक्रान का खतरा कम कर सकते हैं। वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल के नतीजों में पता चला कि वैक्सीन की तीसरी डोज का प्रभाव सबसे अधिक होता है।
बायोटेक के CEO उगुर साहीन ने बताया कि इस हफ्ते हम फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के पास वैक्सीन के आपात इस्तेमाल के लिए अनुमति का आवेदन करेंगे। फाइजर के CEO एल्बर्ट बोरला बोले, उम्मीद है कि जल्द ही 6 महीने से 5 साल के बच्चों के लिए यह वैक्सीन उपलब्ध होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के उस रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त की है, जिसमें WHO ने कहा थी कि भारत में सभी कारणों से मृत्यु दर अधिक है। मंडाविया ने कहा कि जिस तरह WHO ने मृत्यु दर पर रिपोर्ट तैयार की और उसे दुनिया के सामने पेश किया, उस पर भारत अपनी निराशा व्यक्त करता है।
दरअसल, WHO ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत में 1 जनवरी, 2020 से 31 दिसंबर, 2021 के बीच कोविड-19 से 47 लाख मौतें हुई। जबकि, भारत सरकार के आंकड़े के मुताबिक इस दौरान देश में 5 लाख 20 हजार मौतें हुईं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेनेवा में आयोजित विश्व स्वास्थ्य सभा के 75वें सत्र में संबोधन के दौरान WHO के आंकड़ों को खारिज किया।