UPSC में CG के स्टूडेंट्स का कमाल

UPSC में CG के स्टूडेंट्स का कमाल

सोमवार को यूपीएससी 2021 के परिणाम घोषित कर दिए गए। छत्तीसगढ़ के युवाओं ने इस बार कमाल कर दिया है। अभी तक 6 युवाओं के IAS-IPS-IFS बनने लायक रैंक हासिल करने की जानकारी है। रायपुर की श्रद्धा शुक्ला ने इस परीक्षा में ऑल इंडिया 45 वीं रैंक हासिल की है। श्रद्धा अब IAS अफसर बन सकती हैं। श्रद्धा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला की बेटी है। सुशील आनंद शुक्ला छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष हैं। परिणाम जारी होने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी श्रद्धा शुक्ला को बधाई दी है।यूपीएससी के इस एग्जाम में कामयाबी हासिल करने वाले रायपुर के कुछ और भी युवा हैं, जिनमें आईएएस और आईपीएस के बच्चे शामिल हैं। आईएएस रेणु पिल्ले के बेटे अक्षय पिल्ले ने भी इस एग्जाम में सफलता हासिल की है। रायपुर के अभिषेक अग्रवाल को भी इस एग्जाम में कामयाबी मिली है। अभिषेक के पिता उमेश अग्रवाल भी छत्तीसगढ़ में पदस्थ आईएएस अफसर हैं। इनके साथ ही प्रखर चंद्राकर, प्रतीक अग्रवाल और मयंक दुबे ने ऐसे रैंक हासिल कर लिए हैं कि उन्हें एलीट सर्विसेस का अवसर मिलना तय है।

यूपीएससी ने सिविल सर्विस मेंस परीक्षा 2021 का रिजल्ट पिछले वर्ष 17 मार्च को जारी किया गया था। मेंस परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। पर्सनल इंटरव्यू 5 अप्रैल से 26 मई तक आयोजित किया गया था। यूपीएससी इस भर्ती के माध्यम से अफसरों के 712 पदों को भरेगा।श्रद्धा शुक्ला कहती हैं कि उनका टॉप-50 में आने का प्रयास जरूर था, लेकिन सोचा नहीं था कि सफल होगा। पहले भी IAS के लिए प्रयास किया था। फिलहाल PNT फाइनेंस सर्विस में ज्वाइन कर लिया है। वहां ट्रेनिंग चल रही है। अगला अटैम देना पड़ेगा यह सोचकर रायपुर आई थी। 10 जून का एग्जाम है, लेकिन भगवान की दया से अब देना नहीं पड़ेगा। वहीं बाहर जाकर तैयारी करने वाले प्रतिभागियों के लिए श्रद्धा कहती हैं कि रायपुर में पूरा माहौल है।

भारतीय सिविल सेवा सर्विस में 45वीं रैंक हासिल करने वाली श्रद्धा शुक्ला कहती हैं सबसे बड़ा चैलेंज हमारे दिमाग में है कि छत्तीसगढ़ में, रायपुर में बैठकर तैयारी नहीं की जा सकती है। मैंने अपनी पूरी प्रिप्रेशन रायपुर में की है। इसे दिमाग से निकालना होगा कि रायपुर में रहकर तैयारी नहीं हो सकती है। रायपुर में ही रहकर तैयारी कीजिए। यहां माहौल पूरी तरह अच्छा है। उन्होंने कहा कि जो प्रतियोगी कोचिंग करना चाहते हैं तो यह खुद पर निर्भर करता है।श्रद्धा कहती हैं कि उनके लिए कोई पढ़ाई के घंटे निर्धारित नहीं थे। बस पढ़ती थी, सारा दिन पढ़ती रहती थी। ऑनलाइन पढ़ाई और मोबाइल फ्रेंडली होने पर श्रद्धा कहती हैं कि वह ऑनलाइन पढ़ना प्रेफर नहीं करती। उन्हें पेन और पेपर से ही पढ़ना पसंद है। वह बताती हैं कि उनके कई फ्रेंड्स हैं, जिनका नाम लिस्ट में है और उन्होंने ऑनलाइन ही पढ़ाई की है। श्रद्धा कहती हैं कि आप इतनी बड़ी पोस्ट के लिए इच्छा रख रहे हैं कि आपको IAS बनना है, तो खुद पर सेल्फ कंट्रोल होना चाहिए।

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