हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक छात्रा को रायपुर स्थित निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट पर एडमिशन मिल गया है। इससे कॉलेज में 150 सीटों पर 151 स्टूडेंट का एडमिशन हो गया है। इसके कारण अगले सत्र में इस कॉलेज में 150 के स्थान पर केवल 149 स्टूडेंट का एडमिशन किया जाएगा।
नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने चिकित्सा शिक्षा संचालक (डीएमई) के पत्र के बाद एडमिशन की अनुमति दे दी। मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने 13 अप्रैल को एक छात्रा को निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की एक सीट बढ़ाकर एडमिशन देने का आदेश दिया था।
इसके बाद डीएमई ने एनएमसी को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा था। एनएमसी की अनुमति के बाद छात्रा ने एमबीबीएस में एडमिशन लेकर पढ़ाई शुरू कर दी है। 10 साल पहले नेहरू मेडिकल कॉलेज में भी गलती से 150 के बजाय 151 छात्रों का एडमिशन हो गया था। तब मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने एक छात्रा का प्रवेश रद्द करने को कहा था।
तभी टूर में इस बैच के एक छात्र की महानदी में डूबने से मौत हो गई और कॉलेज को एक छात्र का एडमिशन रद्द करने की जरूरत नहीं पड़ी। दरअसल छात्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि रजिस्ट्रेशन, जरूरी फीस व दस्तावेज जमा करने के बावजूद उन्हें बीडीएस से अपग्रेड कर एमबीबीएस की सीट नहीं दी गई। दरअसल चिप्स की लापरवाही के कारण छात्रा का नाम मापअप राउंड में नहीं आ पाया और छात्रा एमबीबीएस की सीट लेने से वंचित हो गई। इसी को आधार बनाकर उन्होंने याचिका दायर की थी।