श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। राम मंदिर का गर्भगृह कमल की आकृति का आठ कोण वाला होगा। इसकी दीवार 6 फिट मोटी होगी, जिसका बाहरी हिस्सा पिंक स्टोन का होगा। इसका कलश 161 फिट ऊंचा रहेगा। इस अवसर पर स्वामी परमानंद सहित राम मंदिर आंदोलन से जुड़े 100 से ज्यादा संतों सहित 300 लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए CM योगी ने कहा- राम मंदिर भारत का राष्ट्र मंदिर होगा। मुख्यमंत्री ने कहा- अब सैकड़ों वर्षों का इंतजार खत्म होने वाला है, क्योंकि तेजी से मंदिर के निर्माण का काम होगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिला पूजन करना बेहद सौभाग्य की बात। गर्भगृह का पहला पत्थर रख दिया है, गोरक्षनाथ पीठ की तीन पीढ़ी इस मंदिर आंदोलन से जुड़ी हुई थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से शिलाओं के रखने का काम तेजी से शुरू हो जाएगा।
राम मंदिर से सौ मीटर दूर द्रविड़ शैली के मंदिर श्री रामलला सदन का उद्घाटन CM योगी ने किया। दक्षिण भारत के कलाकारों ने तीन साल में इस मंदिर को तैयार किया है। कार्यक्रम में जगद्गुरु श्रीनिवासाचार्य कांची, श्रीरंग मंदिर वृंदावन के अध्यक्ष स्वामी रंगाचार्य और जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर मौजूद थे।
रामलला सदन के महंत जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघावाचार्य हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और जानकी के साथ भगवान विष्णु, हनुमान जी और रंगनाथ जी सहित जय-विजय की प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही हैं। मंदिर में भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ के 30 फिट ऊंचे स्तंभ का निर्माण किया गया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सुबह नौ बजे अयोध्या पहुंच गए थे। उन्हें रिसीव करने के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या राम कथा पार्क पहुंचे थे। यहां से पहले वह साढ़े नौ बजे हनुमानगढ़ी में दर्शन करने पहुंचे। वहां उन्होंने पूजा अर्चना की। इसके बाद राम जन्मभूमि के लिए रवाना हो गए।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने इस मौके पर कहा- देश की सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण शुरू हुआ। पहले चरण का काम राम जन्मभूमि परिसर में पूरा हो गया है। आज दूसरे चरण के क्रम में काम शुरू हुआ है। आज का दिन राम भक्तों के लिए है खुशी का दिन। राम भक्तों को शुभकामना। हनुमान जी की कृपा से सब काम हो रहा है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मंदिर निर्माण का साक्षी बन रहा हूं। राम मंदिर आंदोलन के सिपाही के तौर पर मुझे भी मिला है मौका।
तैयारी के लिए मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंच गए हैं। अयोध्या राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा- अधिरचना पर काम आज से शुरू हो रहा है। हमारे पास कार्यों को पूरा करने के लिए 3-चरण की समय सीमा है। उन्होंने बताया कि साल 2023 तक गर्भगृह, 2024 तक मंदिर निर्माण और 2025 तक मंदिर परिसर में मुख्य निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की टीम ने रामजन्मभूमि परिसर में तैयारियां पूरी कर ली हैं। कमिश्नर नवदीप रिनवा, जिलाधिकारी नीतिश कुमार और IG रेंज केपी सिंह के साथ SSP अयोध्या शैलेश पांडेय ने रामजन्मभूमि परिसर में निरीक्षण किया है। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए भव्य पंडाल सहित पूरे परिसर को देखा।एक हजार साल से ज्यादा टिकने वाले राम मंदिर के प्रथम चरण में एक तीर्थ सुविधा केंद्र भी बनेगा। यह लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगा। इसे पूरब दिशा में मंदिर पहुंचने के रास्ते के पास बनाया जाएगा। राम मंदिर के अलावा परिसर में भगवान वाल्मीकि, केवट, माता शबरी, जटायु, माता सीता, विघ्नेश्वर (गणेश) और शेषावतार (लक्ष्मण) के मंदिर बनाने की भी योजना है। कुल 70 एकड़ क्षेत्र के भीतर और परकोटा के बाहर मंदिर के आस-पास के क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा।