रूस-यूक्रेन जंग

रूस-यूक्रेन जंग

रूस-यूक्रेन जंग थमने के आसार नहीं आ रहे हैं। इसके साथ ही दुनिया में खाद्यान संकट, यानी फूड क्राइसिस बढ़ता जा रहा है। यूक्रेन और रूस दोनों ही फूड का एक बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट करते हैं। रूस तो एक्सपोर्ट कर पा रहा है, लेकिन यूक्रेन के शिपमेंट्स को वो रोक रहा है। इसी मसले पर बुधवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और तुर्की के विदेश मंत्री की बातचीत हुई। हालांकि, इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।

बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने कहा- रूस और यूक्रेन की जंग का ग्लोबल फूड क्राइसिस से कोई लेना-देना नहीं है। पश्चिमी देश और खासतौर पर अमेरिका अफवाहें फैला रहे हैं।

लावरोव ने कहा- हमने पहले भी साफ किया था कि अनाज ले जा रहे किसी शिपमेंट को रूस नहीं रोकेगा। हम यही कर रहे हैं। रूसी सैनिक हर शिपमेंट को चेक करेंगे। ये देखा जाएगा कि अनाज की जगह इनमें हथियार तो नहीं हैं। अगर हथियार मिले तो उस शिप को जब्त कर लिया जाएगा। अगर उसमें वास्तव में खाद्यान या गेहूं है तो हम उसे बिल्कुल नहीं रोकेंगे।

लावरोव ने कहा- रूस ने अपनी हिफाजत के लिए समुद्र में कुछ बारूदी सुरंगें लगाई हैं। हम इससे इनकार नहीं कर रहे, लेकिन अगर फूड शिपमेंट है तो हम इन्हें फौरन हटा लेंगे। रूस ग्लोबल फूड क्राइसिस नहीं होने देगा। मैं इस बात का भरोसा दिलाना चाहता हूं। मैंने तुर्की के फॉरेन मिनिस्टर को बता दिया है कि इस बारे में एक मैकेनिज्म तैयार करना होगा। रूस इसमें मदद के लिए तैयार है।

रूस और यूक्रेन अफ्रीका की जरूरत का 40% फूड एक्सपोर्ट करते हैं। जंग की वजह से यहां गेहूं के दाम इस साल 25 फीसदी तक बढ़ चुके हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की ने सर्दियों के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। जेलेंस्की ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन आने वाली सर्दियों के लिए गैस और कोयले के रिजर्व तैयार कर रहा है। इसके अलावा बिजली के प्लांट्स को फिर से तैयार किया जा रहा है। गैस और इलेक्ट्रिसिटी के रेट्स जरूर बढ़ाए जाएंगे ताकि सरकारी खजाने पर इसका बोझ न पड़े।रूस के लिए सेवेरोडोनेट्सक शहर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है। यहां कब्जा होने से डोनेट्स्क के मुख्य शहर क्रामाटोर्स्क का रास्ता खुल जाएगा। सेवेरोडनेत्स्क के कम से कम 70 प्रतिशत क्षेत्र में रूसी नियंत्रण होने की सूचना है। हालांकि, यूक्रेनी सेना ने इससे इनकार किया है। यूक्रेन का कहना है कि यहां जंग जारी है।

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