कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय – ED की पूछताछ पर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में घुसकर नेताओं-पत्रकारों के साथ मारपीट और घसीटकर निकालने के एक दिन बाद रायपुर में कांग्रेस ने राजभवन का घेराव कर दिया। राजभवन के मुख्य द्वार तक कांग्रेस प्रदर्शनकारियों की भीड़ को जाने से रोकने के लिए पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की अगुवाई में प्रदेश कांग्रेस के तमाम नेता और विधायक गुरुवार सुबह 11 बजे रायपुर के डॉ. भीमराव आम्डबेकर चौक पर इकट्ठा हुए। वहां उन्होंने धरना दिया। इस दौरान नेताओं ने कहा, केंद्र सरकार कांग्रेस और विपक्ष को बदनाम करने और सवाल उठाने वाले नेताओं को तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियाें का दुरुपयोग कर रही है। राहुल गांधी भाजपा की हर चाल को बेनकाब कर रहे हैं। इसलिए वे उनकी आंखों में सबसे अधिक खटक रहे हैं। ED ने एक मनगढ़ंत केस में उनको उलझाने की कोशिश में है। कांग्रेस के कार्यकर्ता ऐसा नहीं होने देंगे।
एक घंटे तक धरना और भाषण के बाद कांग्रेस नेताओं ने डॉ. आम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राजभवन के लिए कूच किया। आम्बेडकर चौक से करीब 400 मीटर पैदल चलकर प्रदर्शनकारी राजभवन के बाहरी गेट तक पहुंच गए। यहां सुरक्षाकर्मियों ने गेट बंद कर दिया। पुलिस का कहना था, राजभवन के भीतर जाने वाले प्रमुख नेता ही भीतर आएं। युवा कांग्रेस और NSUI के प्रदर्शनकारी भीतर जाने के लिए पुलिस कर्मियों से उलझ गए। इसकी वजह से वहां धक्का मुक्की की स्थिति बनी। बाद में मोहन मरकाम, सत्यनारायण शर्मा, मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया आदि नेताओं ने राज्यपाल अनुसूईया उइके के सचिव से मिलकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को दिल्ली में भी राजभवन घेराव की कोशिश की। दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। राज भवन तक पैदल निकले मुकुल वासनि शक्ति सिंह गोहिल, अविनाश पाण्डेय, हरिश चौधरी, अजय माकन, चन्दन यादव, अनिल चौधरी, सहित रायपुर विधायक विकास उपाध्याय भी उस प्रदर्शन में शामिल थे।