फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट AltNews के को-फाउंडर, पत्रकार मोहम्मद जुबैर को दिल्ली कोर्ट ने चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। जुबैर पर विवादित पोस्ट के जरिए धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है। उन्हें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को अरेस्ट किया था। उन्हें IPC की धारा 153/295 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोमवार को ही जुबैर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश करके 4 दिन की कस्टडी की मांग की थी। तब उन्हें कोर्ट ने एक दिन की कस्टडी में भेजा था। मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने जुबैर पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगाया था। कोर्ट में पुलिस ने ट्वीट करने में इस्तेमाल हुई डिवाइस जब्त करने के लिए जुबेर की कस्टडी मांगी। इस पर कोर्ट ने उन्हें 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
जुबैर की गिरफ्तारी जिस पोस्ट को लेकर हुई है, वो पोस्ट 2018 की है। इस पर IFSO डीसीपी केपी एस मल्होत्रा ने कहा कि पोस्ट काफी पूराना होने से फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि आपको सिर्फ उसे रीट्वीट कर किसी को टैग कर देना है और वह नया बन जाता है। उन्होंने कहा इस मामले में जुबैर के फोन की ज़रूरत थी, लेकिन उसने फोन को फॉर्मेट किया हुआ था। इसी आधार पर हमने उसे गिरफ़्तार किया।
अगर आप किसी ट्वीट को रीट्वीट करते हैं तो वे आपका विचार है। आप यह नहीं कह सकते कि उसमें क्या था, उससे होने वाली प्रतिक्रिया भी आपकी ज़िम्मेदारी है। हमें किसी ने जुबैर के एक ट्वीट पर टैग किया था। इसी आधार पर हमने मामला दर्ज़ किया। मामले में जब पूछताछ की गई तो वो इससे भाग रहे थे।जुबैर की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनके खिलाफ नफरत फैलाने के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। जुबैर की तरफ से सोशल मीडिया में एक विशेष धर्म समुदाय के खिलाफ जान बूझकर फोटो पोस्ट की गई थी, जिससे लोगों के बीच अशांति फैल रही थी। इसी के आधार पर उन्हें अरेस्ट किया गया है।