मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कोरिया जिले में बैकुंठपुर विधानसभा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पटना गांव को नगर पंचायत का दर्ज देने की घोषणा की। वहीं बैकुंठपुर में औद्योगिक क्षेत्र बनाने की भी घोषणा हुई। मुख्यमंत्री ने बैकुंठपुर पहुंचकर झुमका जलाशय के बीच स्थित झुमका आइलैंड का भी लोकार्पण किया।तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर रायपुर पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से दोपहर 12 बजे पोंडी गांव के लिए रवाना हुआ। बैकुंठपुर विधानसभा का यह गांव खडगवां ब्लॉक में आता है। रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, आज बैकुंठपुर में रहुंगा। यह सरगुजा संभाग की आखिरी विधानसभा है। बस्तर की विधानसभाओं का दौरा पहले ही पूरा हो चुका है। कल गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जाउंगा। वहां पहुंच गया तो अमरकंटक में दर्शन करने भी जाउंगा। उसके बाद मैदानी जिलाें रायगढ़-बिलासपुर आदि का दौरा शुरू होगा।
मुख्यमंत्री बैकुंठपुर के पोंडी में भेंट-मुलाकात की चौपाल लगाने के बाद पटना जाएंगे। यह गांव बैकुंठपुर ब्लॉक में स्थित है। यहां स्थानीय योजनाओं-कार्यक्रमाें के निरीक्षण और समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री भेंट-मुलाकात कर लोगों से बातचीत करेंगे। चौपाल के बाद मुख्यमंत्री कार से ही पटना से बैकुंठपुर लौटेंगे। शाम को उन्हें बैकुंठपुर के मानस भवन में आदिवासी समाज सम्मेलन में शामिल होना है। रात में वे विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री रात में भी बैकुंठपुर में ही रुकने वाले हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को वहां से गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के लिए रवाना होंगे।एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया, बस्तर संभाग के दौरे में सबसे अधिक मांग बैंक की आई थी। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल, सड़क, पुल-पुलिया की भी मांग आई। सरगुजा संभाग में भी कमोबेस वही स्थिति थी। जो सड़क, पुल-पुलिया नहीं बन पाए हैं उसकी और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल खोलने की मांग अधिक रही। बैंक खोलने की मांग भी अधिक रही।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पोड़ी ग्राम की चौपाल में 174 वन अधिकार पत्र वितरित किए। पटना गांव में भी 161 वन अधिकार पत्र दिए जाने हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने तीन दिनों के भीतर कोरिया जिले में एक हजार 848 वन अधिकार पत्र बांट दिए। इस तरह से कोरिया जिले में अभी तक व्यक्तिगत वन अधिकार दावे के तहत 15 हजार 81 हेक्टेयर रकबे के 17 हजार 282 वन अधिकार पट्टे वितरित किए जा चुके हैं। इसी तरह से सामुदायिक वन अधिकार दावे के कुल एक हजार 514 पट्टे जिनका रकबा 18 हजार 5 हेक्टेयर और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावे के कुल 165 पट्टे जिनका रकबा 9 हेक्टेयर 138 हेक्टेयर है, वितरित किए गए हैं।