छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) के दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री ने वहां घोषणाओं का पिटारा खोल दिया। नए स्कूल-कॉलेज से लेकर स्टेडियम तक बनाने की घोषणा की। नए तहसील भवन का लोकार्पण किया। गांव में सौर ऊर्जा से बिजली देने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि महंगाई मध्य प्रदेश में फोन कर पूछना। यहां हम आपका ध्यान रखते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि योजनाएं मंत्रालय में बन रही है, लेकिन वह आप तक पहुंच रही है या नहीं, यही जानने के लिए आया हूं।भारी बारिश के बीच तय कार्यक्रम से थोड़ी देर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मरवाही पहुंचे। वहां पहुंचते ही सबसे पहले स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने गमछा और चरखे से काते गए सूत का धागा पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री माता नागेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा अर्चना की और मंदिर परिसर में कदम्ब, नीम और पीपल का पौधा भी रोपा। फिर मरवाही महाविद्यालय परिसर पहुंचे और आदिवासी नेता स्व. डॉ. भंवर सिंह पोर्ते की प्रतिमा का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि डॉ. पोर्ते ने आदिवासियों के उत्थान और कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। आज उनके प्रतिमा का अनावरण करना मेरे लिये सौभाग्य की बात है। सकोला गांव में चौपाल के दौरान उन्होंने स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्रा कांची घृतेश से बात की। मुख्यमंत्री ने छात्रा से कहा कि वे छत्तीसगढ़ी में सवाल करेंगे, इसका जवाब उसे अंग्रेज़ी में जवाब देना होगा। इस दौरान स्कूल में पढ़ाई और सुविधाओं को लेकर सवाल पूछा, जिसका कांची ने अंग्रेजी में जवाब दिया। छात्रा ने 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें उपलब्ध कराने की मांग भी की।
मुख्यमंत्री ने मरवाही में की घोषणा
- मरवाही में पॉलिटेक्निक कॉलेज खोलने की घोषणा
- सिवनी, खोडरी, कोडगार में खुलेगी पुलिस थाना
- मरवाही कॉलेज का पीजी कॉलेज में उन्नयन की मांग पूरी की
- मरवाही में नए तहसील भवन का लोकार्पण किया।
- रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय में स्नातकोत्तर की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।
- ग्राम अंडी में में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नया सेटअप बनेगा।
- ग्राम मरवाही में मुख्य मार्ग से डीएवी होते हुए रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय तक डामरीकृत सड़क
- दलदली नाला पर एनीकट-कम-काजवे का निर्माण किया जाएगा।
भोजन के बाद इलाके में जोरदार बारिश के चलते मुख्यमंत्री बाय रोड कोटमी के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर लोक कला जत्था ने गेड़ी नृत्य से उनका स्वागत किया। इसके बाद भेंट-मुलाकात का दौर शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने पूछा कि छत्तीसगढ़ी में संवाद किया जाए, तो सबने एक स्वर में सहमति दी। उन्होंने कहा कि जब से जिले में आया तब से लगातार बारिश हो रही है।ये खेती किसानी के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैं यह जानने आया हूं कि मंत्रालय में बैठकर बनाई गई लोक हितकारी योजनाओं का लाभ जनता को मिल रहा है या नहीं।
चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण कविता सिंह पोर्ते से पूछा कि कितना राशन मिलता है? इस पर कविता ने जवाब दिया और पूछा कि खाद्य तेल इतना महंगा क्यों है। मिट्टी तेल इतना महंगा क्यों है?! इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको चावल, नमक, चना फ्री मिल रहा है जबकि दूसरे राज्य में बहुत महंगा है। मध्य प्रदेश में फोन लगाकर पूछना कितना महंगा है। आपका ध्यान रखते हैं। मिट्टी तेल छत्तीसगढ़ सरकार नही देती। ये सब केंद्र सरकार से मिलता है।
