बीजापुर का तारलागुड़ा गांव बारिश में डूबा:

बीजापुर का तारलागुड़ा गांव बारिश में डूबा:

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश की वजह से कई गांव टापू के रूप में तब्दील हो गए हैं। स्कूल, पोटाकेबिन, घर से लेकर खेत पूरी तरह से पानी से लबालब हो गए हैं। भोपालपट्टनम में नेशनल हाईवे में नदी का पानी सड़क पर आने से छत्तीसगढ़-तेलंगाना-महाराष्ट्र का संपर्क भी पूरी तरह से अब टूट चुका है। लोगों को राशन, अस्पताल और दवाइयों जैसे इमरजेंसी सेवाओं के लिए भी काफी परेशान होना पड़ रहा है।

भारी बारिश की वजह से गोदावरी, इंद्रावती और मिंगाचल यह तीनों नदियां उफान पर हैं। कई गांवों का संपर्क ब्लॉक और जिला मुख्यालय से टूट गया है। बीजापुर जिले का नक्सल प्रभावित तारलागुड़ा गांव भी टापू बन चुका है। लोग घरों से बाहर निकल आए हैं। इसके अलावा यहां पोटाकेबिन में भी करीब 3 फीट तक पानी भर गया है।बीजापुर के तारलागुड़ा समेत गंगालूर, चेरपाल, मिरतूर सहित आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। आम जनों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। इंद्रावती-गोदावरी से बैक वाटर के प्रेशर के मद्देनजर प्रशासन ने कई स्थानों पर मोटरबोट और लाइफ जैकेट से लैस रेस्क्यू दल को 24 घंटे मुस्तैद रहने की हिदायत दी है। इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 8.300 मीटर को पार कर चुका है।बीजापुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे से होकर बहने वाली मिंगाचल नदी भी पूरी तरह शबाब पर है। यहां सड़क किनारे स्थित CRPF कैंप में इस नदी का पानी घुस गया है। यदि कुछ घंटे और बारिश होती है तो कैंप भी पानी में डूब जाएगा। जिससे जवानों की मुश्किलें बढ़ जाएगी। बाढ़ ग्रस्त इलाकों में खाद्य सामग्री और मेडिकल सुविधा पहुंचाना प्रशासन के लिए भी मुश्किल हो गया है।

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