सोनिया गांधी की पेशी का CG में तीखा विरोध:रायपुर में ED का दफ्तर घेरा

सोनिया गांधी की पेशी का CG में तीखा विरोध:रायपुर में ED का दफ्तर घेरा

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रवर्तन निदेशालय-ED में पेशी का दिल्ली से रायपुर तक तीखा विरोध हुआ है। रायपुर में कांग्रेस ने ED के स्थानीय दफ्तर का घेराव कर दिया। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक शामिल हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने Edअफसरों से कहा, केंद्र सरकार के तीन साल पूरे हो गए। दो साल और बचे हैं। यह सरकार बदलेगी। तब तुम लोग आंख में आंख मिलाकर क्या जवाब दे पाओगे?

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, हम यहां ED के सामने क्यों आए हैं। इनकी आंख खोलने के लिए। तुम अपनी आंख-कान खोलकर देख लो। इनकी जिम्मेदारी मनी लांड्रिंग पर कार्रवाई की है। लेकिन ये लोग सावन के अंधे हैं, जिनको हरा ही हरा नजर आ रहा है। यही ED 2015 में सोनिया गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामला बंद कर चुकी थी। कहा गया कि इसमें कोई मनी लांड्रिंग नहीं हुआ तो हम जांच कैसे करेंगे। कानून बना है कि FIR दर्ज होगा तभी ED जाएगी। अब ED बताए कि सोनिया जी और राहुल जी के खिलाफ देश के किस थाने में FIR दर्ज हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा, अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है। ED वालों ने अपनी मां का दूध पीया है तो सोनिया गांधी से हो रही पूछताछ में कैमरा लगा दें। उसको टीवी पर लाइव दिखाए। पूरा देश यह जानना चाहता है कि वहां क्या हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, 35 साल तुम लोगों को नौकरी करनी है। पांच साल इनकी सरकार हो गई। दूसरे कार्यकाल में तीन साल गुजर गए। दो साल और रहना है। केंद्र सरकार बदलेगी। तब तुम लोग आंख में आंख मिलाकर क्या जवाब दे पाओगे। यह बात सोच लो। तुम्हारे घर में भी बच्चे हैं। वे भी पढ़े लिखे हैं। अपने बीवी-बच्चों से कैसे आंख मिला पाओगे।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, स्वतंत्रता संग्राम के समय पंडित जवाहरलाल नेहरु सहित कांग्रेस के नेताओं ने नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन शुरू किया था। बदली परिस्थितियों में वह अखबार घाटे में जाने लगा। उसको बचाने के लिए, कर्मचारियों को वेतन, संस्थान का बिजली बिल और करों आदि के भुगतान के लिए कांग्रेस पार्टी ने अखबार को 90 करोड़ रुपए दिए। यह रकम 10 सालाें के दौरान 9 किस्तों में दी गई थी। हमारा ही अखबार, हम ही पैसा दे रहे हैं और ये सरकार कह रही है कि मनी लांड्रिंग हो गई। बाप अगर अपने बेटे को पैसा दे तो क्या वह अपराध हो गया।

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