संजय सिंह राज्यसभा से सस्पेंड:AAP सांसद पर सदन में हंगामा करने पर कार्रवाई;

संजय सिंह राज्यसभा से सस्पेंड:AAP सांसद पर सदन में हंगामा करने पर कार्रवाई;

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को बुधवार को राज्यसभा से सस्पेंड कर दिया गया। उन पर सदन में मंगलवार को नारेबाजी करते हुए चेयरमैन के आसन पर पेपर फेंकने का आरोप है। बुधवार को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने संजय सिंह को इस हफ्ते की बची हुई कार्यवाही के लिए निलंबित करने की घोषणा की। इस हफ्ते मानसून सत्र में हंगामा करने वाले राज्यसभा के 20 और लोकसभा के 4 सांसदों पर निलंबन कार्रवाई की जा चुकी है।राज्यसभा से से निलंबित किए गए सभी 20 सांसदों ने संसद में स्थित गांधी प्रतिमा के पास धरना देने का निर्णय लिया है। यह सभी सांसद 50 घंटे तक बारी-बारी धरना देकर अपने निलंबन का विरोध करेंगे।

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने आप नेता के निलंबन की घोषणा करते हुए कहा कि मंगलवार को उन्होंने सदन की कार्यवाही के दौरान कुर्सी पर कागज फेंका। सिंह का निलंबन संसदीय मामलों के कनिष्ठ मंत्री वी. मुरलीधरन द्वारा “कदाचार” और “सदन और पीठ के अधिकार की पूर्ण अवहेलना” के लिए एक प्रस्ताव के बाद किया गया था। यह प्रस्ताव ध्वनिमत से किया गया। बता दें, संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई को शुरू हुआ और 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र के दौरान 18 बैठकें होंगी।मौजूदा मानसून सत्र में इस हफ्ते अब तक 20 राज्यसभा सांसद निलंबित हो चुके हैं। बुधवार को संजय सिंह निलंबित किए गए, इससे पहले मंगलवार को 19 सांसदों को एक हफ्ते के लिए सस्पेंड किया गया। मंगलवार को विपक्ष ने GST और महंगाई पर हंगामा किया था। हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही पहले एक घंटे और फिर दिनभर के लिए स्‍थगित करनी पड़ी।

लोकसभा में सोमवार को भारी हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिड़ला ने कांग्रेस के 4 सदस्‍यों को निलंबित कर दिया था। ज्योतिमणी, माणिकम टैगोर, टीएन प्रथापन और राम्या हरिदास को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है। दरअसल, लोकसभा में विपक्ष ने महंगाई और GST पर जमकर हंगामा किया। कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही विपक्षी नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी।

स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्षी सदस्यों से कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन उन्होंने GST के खिलाफ नारेबाजी और तख्तियां दिखाना जारी रखा। इसके बाद स्पीकर ने चार सांसदों को निलंबित कर दिया था।

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