भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अनियमित, संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला विधानसभा में उठाया। बृजमोहन ने पूछा कि जन घोषणा पत्र में प्रदेश के अनियमित/संविदा/ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमितीकरण की कार्यवाही का उल्लेख है? यदि हां तो अब तक क्या क्या कार्यवाही की गई है?
अग्रवाल ने सवाल किया कि कितने कर्मचारियों को नियमित किया गया है? श्रेणी वार बताए? क्या कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए कोई कमेटी बनाई है? यह कमेटी कब बनी? कमेटी में कौन-कौन सदस्य है? कमेटी को कब रिपोर्ट अनुशंसा देनी थी कब दी? प्रदेश के अनियमित/संविदा / दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को कब तक नियमित कर दिया जायेगा?इस सवाल का जवाब खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया।उन्होंने कहा- जन घोषणा पत्र में नियमितीकरण का वादा किया गया था। 11 दिसम्बर 2019 को प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति ने प्रदेश के सरकारी विभागों के कार्यालय/ निगम/ मंडल आयोग/संस्था में पहले से कार्यरत अनियमित दैनिक वेतनभोगी और संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों की जानकारी ली है।
मुख्यमंत्री के दिये जवाब के मुताबिक,नियमितीकरण करने के संबंध में संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग से सलाह मांगी है। महाधिवक्ता का अभिमत सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा। जो अब तक नही मिली है।छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश हुए जवाब में कहा गया है । 1 जनवरी 2019 से 30 जून 2022 तक छत्तीसगढ़ शासन के प्रथम श्रेणी द्वितीय श्रेणी, तृतीय श्रेणी व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनियमित/संविदा/दैनिक वेतनभोगी 25 कर्मचारियों को नियमितीकरण किया गया है।नियमितीकरण पर रिपोर्ट देने के लिए बनी कमेटी में प्रमुख सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग, सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग सचिव वित्त विभागसदस्य सदस्य-सचिव सदस्य, सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, सचिव, आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग सदस्य शामिल हैं।