अर्पिता के चौथे फ्लैट पर ED का छापा:ममता बनर्जी ने पार्थ को मंत्री पद से हटाया

अर्पिता के चौथे फ्लैट पर ED का छापा:ममता बनर्जी ने पार्थ को मंत्री पद से हटाया

बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में बंगाल के पूर्व मंत्री की करीबी अर्पिता मुखर्जी के एक और फ्लैट पर छापा पड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस बार कोलकाता एयरपोर्ट के पास चिनार पार्क में रेड की है। हालांकि, यहां अब तक छापे में क्या-क्या मिला, इसकी जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

बुधवार से गुरुवार तक चली 18 घंटे की रेड में ED ने पार्थ की करीबी अर्पिता मुखर्जी के दूसरे घर से 27.9 करोड़ रुपए कैश और 5 किलो गोल्ड जब्त किया था। कैश के बारे में ED के सवाल पर अर्पिता ने बताया कि ये सारे रुपए पार्थ चटर्जी के हैं। उन्होंने कहा, ‘पार्थ इस घर का इस्तेमाल रुपए रखने के लिए करते थे। मुझे अंदाजा नहीं था कि घर में इतना सारा कैश रखा होगा।’

इससे पहले पिछले शनिवार को हुई छापेमारी में अर्पिता के घर से 21 करोड़ रुपए कैश और 1 करोड़ रुपए की ज्वेलरी मिली थी। यानी कुल मिलाकर अर्पिता से अब तक 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के कैश और ज्वेलरी मिल चुकी है।

पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया है। पार्थ की गिरफ्तारी के 5 दिन बाद ममता ने ये एक्शन लिया है। इसके बाद ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने शाम को अनुशासन समिति की बैठक बुलाई और उन्हें पार्टी संगठन के सभी पदों से भी हटा दिया।

पार्थ के पास पार्टी महासचिव, वाइस प्रेसिडेंट और तीन अन्य जिम्मेदारी थीं। अभिषेक ने कहा कि पार्थ जांच जारी रहने तक वे पार्टी से सस्पेंड किए गए हैं। अगर वे बेगुनाह हुए तो वे फिर से पार्टी में आ सकते हैं।अर्पिता के घर करोड़ों रुपए के कैश-ज्वेलरी मिलने के बाद TMC में ही पार्थ चटर्जी को हटाने की मांग होने लगी थी। गुरुवार को ममता बनर्जी ने उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त भी कर दिया। पार्थ पर कार्रवाई के बाद ममता बनर्जी ने कहा- पूरा मामला एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। सिर्फ एक लड़की के घर से रुपए बरामद हुए हैं। पार्थ को इसलिए हटाया क्योंकि TMC भ्रष्टाचार के मामले में बेहद सख्त सख्त पार्टी है। इसे बदला नहीं जा सकता। यह एक बड़ा गेम है, जिसके बारे में अभी ज्यादा बात नहीं कर सकती।ममता सरकार में पार्थ चटर्जी सबसे सीनियर मंत्री थे। वो दक्षिण 24 परगना के बेहला पश्चिम सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं। पार्थ चटर्जी 2011 से लगातार मंत्री थे। वे 2006 से 2011 तक बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। पार्थ के पास वर्तमान में उद्योग, वाणिज्य और संसदीय कार्य जैसे बड़े मंत्रालयों का प्रभार था।

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