छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अब स्वामी आत्मानंद योजना के तहत अंग्रेजी माध्यम से प्री- प्राइमरी कक्षाएं (नर्सरी) शुरू की जाएंगी। बिलासपुर में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो स्वामी आत्मानंद स्कूलों में लागू किया जाएगा। इन दोनों स्कूलों में एडमिशन और टीचर नियुक्ति करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। दोनों स्कूलों में 50-50 बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है।
स्वामी आत्मानंद योजना के तहत संचालित सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अभी कक्षा पहली से 12वीं तक की पढ़ाई हो रही है। दो साल पहले शुरू हुए इन स्कूलों की बढ़ती डिमांड को देखते हुए राज्य शासन ने स्कूलों की संख्या बढ़ा दी है। दरअसल, पिछली बार विभिन्न कक्षाओं में एडमिशन को लेकर होड़ मच गई थी और तय सीटों की तुलना में आवेदनों की संख्या ज्यादा थी। यही वजह है कि अब स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की संख्या 171 पहुंच गई है। जबकि, 32 नए स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल भी शुरू किए गए हैं।शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में सुझाव आया कि जिस तरह प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी कक्षा से ही बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दी जाती है। कुछ उसी तरह सरकारी स्कूलों में भी प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू हों, ताकि अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों की पढ़ाई की नींव मजबूत हो सके।
स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव सरोज उईके ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी किया है, जिसमें उन्हें स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिंदी माध्यम स्कूलों में नर्सरी की कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी पत्र के मुताबिक नर्सरी की कक्षाएं शिक्षा सत्र 2022-23 से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए उन्हें स्कूलों में कमरा, कमरे की साज-सज्जा, बैठक व्यवस्था, खिलौने एवं अन्य टिचिंग लर्निंग सामग्री, एक मॉनटेसरी शिक्षक (महिला), एक आया की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।स्वामी आत्मानंद योजना के नोडल अधिकारी रामेश्वर जायसवाल ने बताया कि शासन के निर्देश पर शहर के स्व. शेख गफ्फार शासकीय स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल तारबाहर और लालाराजपत राय स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में नर्सरी कक्षाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है। दोनों स्कूलों में साढ़े चार साल से साढ़े पांच साल के 50-50 को प्रवेश दिया जाएगा। एडमिशन की प्रक्रिया ऑनलाइन इसी महीने से शुरू हो जाएगी।