दुर्ग जिले के शिवनाथ नदी में जल्द ही एक और लक्ष्मण झूला यानी सस्पेंशन ब्रिज बनाया जाएगा। जल संसाधन विभाग ने वित्तीय स्वीकृति के लिए राज्य शासन को 30 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलते ही इसकी निर्माण एजेंसी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
दुर्ग जिला पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकास कर रहा है। यहां अमलेश्वर में बने लक्ष्मण झूला के आकर्षण को देखते हुए पाटन क्षेत्र के ठकुराइन टोला में भी लक्ष्मण झूला का निर्माण चल रहा है। अब जिले में तीसरे लक्ष्मण झूले के निर्माण की तैयारी की जा रही है। यह झूला दुर्ग जिला मुख्यालय के शिवनाथ नदी में महमरा एनीकट के पास बनाया जाएगा। जल संसाधन विभाग दुर्ग के कार्यपालन अभियंता सुरेश पांडेय ने बताया कि झूला निर्माण का कार्य एक साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। यह देखने में बिल्कुल राजिम और अमलेश्वर महादेव घाट की तरह होगा।ईई सुरेश पांडेय ने बताया कि ब्रिज का ड्राइंग और डिजाइन तैयार कर लिया गया है। ड्राइंग डिजाइन का परीक्षण आईआईटी दिल्ली द्वारा किया जाएगा। तकनीकी स्वीकृति मिलने के तीन माह के अंदर सारी प्रक्रिया को पूरा करके निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।दुर्ग के शिवनाथ नदी में बन रहा यह ब्रिज महादेव घाट अमलेश्वर में बने लक्ष्मण झूला से दोगुना लंबा होगा। इसकी लंबाई 300 मीटर होगी और चौड़ाई तीन मोटर होगी। जबकि महादेव घाट का ब्रिज मात्र 150 मीटर ही लंबा है। इसे रंगीन लाइटिंग के साथ बेहद आकर्षक बनाया जाएगा।
ईई सुरेश पाण्डेय ने बताया कि दुर्ग की तरफ इंटकवेल के पास पार्किंग की व्यवस्था होगी। वहीं महमरा घाट के छोर पर स्थित 4 एकड़ शासकीय भूमि में आकर्षक गार्डन बनाया जाएगा। गार्डन के पास कैफेटेरिया और फाउंटेन भी बनाया जाएगा। यह आने वाले पर्यटकों को काफी आकर्षित करेगा।