कॉमनवेल्थ गेम्स के 11वें दिन भारत को बैडमिंटन में तीन गोल्ड मिले। एक गोल्ड टेबल टेनिस में मिला है। इसके साथ ही भारत के अब 22 गोल्ड सहित कुल 61 मेडल हो गए हैं। भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर है।
बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने विमेंस सिंगल्स में और लक्ष्य सेन ने मेंस सिंगल्स में सुनहरी कामयाबी हासिल की। इसके बाद मेंस डबल्स में सात्विक साइराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने भी फाइनल मुकाबला जीत लिया। गोल्ड मेडल मैच में भारतीय जोड़ी ने सीन वेंडी और वेन लेन की इंग्लैंड की जोड़ी को 21-15, 21-13 से हराया।
दूसरी ओर टेबल टेनिस के मेंस सिंगल्स फाइनल में 40 साल के भारतीय धुरंधर अचंता शरत कमल ने इंग्लैंड के लियाम पिचफोर्ड के 4-1 से हराकर गोल्ड जीता। शरत कमल ने 16 साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में मेंस सिंगल्स का गोल्ड जीता है। इससे पहले उन्होंने 2006 में इस इवेंट में सोना हासिल किया था। 2022 में उन्होंने तीन गोल्ड जीते हैं। सिंगल्स से पहले उन्होंने मिक्स्ड डबल्स और मेंस टीम इवेंट में भी सुनहरी कामयाबी हासिल की थी। ओवरऑल कॉमनवेल्थ गेम्स में कमल के नाम कुल 7 गोल्ड हो गए हैं।
20 साल के लक्ष्य ने फाइनल में मलेशिया के जेई यंग को तीन गेम तक चले मुकाबले में 19-21, 21-9, 21-16 से हराया। भारतीय खिलाड़ी ने पहला गेम 19-21 से गंवा दिया। लेकिन दूसरे गेम में उन्होंने जोरदार वापसी की और इसे 21-9 से जीतकर मैच में बराबरी हासिल कर ली है। तीसरे गेम में लक्ष्य ने 21-16 से जीत हासिल की। लक्ष्य सेन से पहले बैडमिंटन के मेंस सिंगल्स में पी कश्यप ने 2014 में गोल्ड मेडल जीता था।
बैडमिंटन में भारतीय जोड़ी ने इंग्लैंड की जोड़ी को हराकर गोल्ड अपने नाम किया है। भारत के सात्विक-चिराग की जोड़ी ने यह मुकाबला 21-15, 21-13 के अंतर से जीता।
टेबल टेनिस के मेंस सिंगल्स मुकाबले में साथियान गणानाशेखरन ने इंग्लैंड के ड्रॉन्कहेल को 11-9, 11-3, 11-5, 8-11, 9-11, 10-12, 11-9 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है।इससे पहले पीवी सिंधु ने फाइनल में कनाडा की मिशेल ली को 21-15, 21-13 से हराया। कॉमनवेल्थ में विमंस सिंगल्स मुकाबलों में सिंधु का यह पहला गोल्ड है। इससे पहले 2018 में सायना नेहवाल ने कॉमनवेल्थ में विमेंस सिंगल्स का गोल्ड जीता था। फाइनल में उन्होने सिंधु को ही हराया था।