छत्तीसगढ़ के कांकेर में बुधवार को ग्रामीणों ने रायपुर-जगदलपुर हाईवे जाम कर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर बैठ गए। आरोप लगाया 4 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। उसे बेचकर पट्टा भी करा दिया। ग्रामीणों ने मांग रखी कि जब तक प्रशासन जमीन के पट्टे को निरस्त नही करेगा तब तक चक्काजाम जारी रहेगा। हालांकि दो घंटे बाद जाम खत्म हो गया और ग्रामीण अपने घर लौट गए।
दरअसल, सारा विवाद माकड़ी से लगे ग्राम लाल मठवाड़ा में भानुप्रतापपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित 4 एकड़ जमीन का है। ग्रामीणों का कहना है कि वह 1980- 81 में बोधघाट परियोजना के तहत ली गई थी। वहां की खाली जगह पर सरकार ने सागौन आदि का प्लांटेशन कराया। अब वह बड़े पेड़ बन चुके हैं। उस जमीन को एक व्यक्ति ने पट्टा बनवाकर अपने नाम करवा लिया है। जिस जगह पौधे लगाए गए, उसे भी क्रय कर लिया।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उस जमीन के पास ही गांव के पतिराम की 25 डिसमिल जमीन थी। वहां पतिराम का परिवार खेती करता था। उसे भी कब्जा कर बेच दिया गया। जबकि पतिराम को नहीं पता कि उसकी जमीन कब बेची गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने अपर कलेक्टर से भी शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने भी जमीन खरीदने वाले के पक्ष में रिपोर्ट तैयार कर दी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जमीन खाली नहीं की गई तो वे वहां बस्ती बसा लेंगे।