छत्तीसगढ़ सहित आंध्र प्रदेश और तेलंगान में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। तेलंगाना में गोदावरी का जल स्तर खतरे के अंतिम लेवल को भी पार कर गया। वहीं शबरी नदी भी खतरे के निशान से एक मीटर दूर रह गई है। इसके बैक वॉटर से सुकमा के कोंटा में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। दूसरी ओर महानदी का भी जलस्तर बढ़ रहा है। खतरे के निशान से 4 फीट नीचे बह रही है। इसके कारण जांजगीर-चांपा के चंद्रपुर शहर में बाढ़ का पानी घुस गया है। चंद्रपुर-सरिया-बरमकेला और हीरापुर-डभर रूट बंद हो गया है।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बारिश को लेकर अलर्ट जारी है। गोदावरी का जल स्तर 52.20 फीट पर पहुंच गया है। यह स्तर तीसरे वार्निंग को भी पार कर गया है। वहीं वीरापुरम के पास नेशनल हाईवे पर 5 फीट पानी होने के कारण देर रात से रूट बंद है। दोनों ओर वाहनों की कतार लगी हुई है। करीब 15-20 दिन में दूसरी बार ऐसे हालात हैं। वहीं बीजापुर में मिरतुर में मरी नदी और वेलुदी नदी उफान पर है। फुलगट्टा समेत 10 से ज्यादा गांव और गंगालूर इलाके के कई गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। तारलागुड़ा में पानी भरने से बीजापुर के रास्ते तेलंगाना मार्ग बंद है।जांजगीर-चांपा में लगातार 2 दिनों से हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। शिवरीनारायण और चंद्रपुर में महानदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। शिवरीनारायण के सबरी सेतु से महज एक फीट नीचे पानी बह रहा है। चंद्रपुर में महानदी प्रवेश कर चुकी है। वहां के विद्युत मंडल कार्यालय परिसर, नाथल दाई मंदिर परिसर, नगर पंचायत परिसर, मंडी और सारथी मोहल्ले में भी जलमग्न हो गए हैं। चंद्रपुर-बरमकेला मार्ग का लातनाला पुल के ऊपर पानी बह रहा है। सरिया-बरमकेला, हीरापुर-डभर रूट बंद हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, मुताबिक, अगले 24 घंटों में जांजगीर-चांपा और उससे लगे जिलों में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की संभावना है। इसके बाद नदी-नालों के कैचमेंट एरिया, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर 9 अगस्त की रात से बढ़ना शुरू हुआ है, जो लगातार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार बीते दिनों अकलतरा और चांपा में दो सेमी वर्षा रिकार्ड की गई है। प्रशासन ने महानदी के तटीय क्षेत्र के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।