छत्तीसगढ़ की बेटी अंकिता गुप्ता ने 15 अगस्त को रूस के माउंट एल्ब्रुस पर स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया। अंकिता ने आजादी के 75 साल पूरे होने पर यूरोपीय महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (पश्चिम) जिसकी ऊंचाई 5,642 मीटर है, उसे फतह कर लिया। माउंटेनियर अंकिता गुप्ता की इस उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को उन पर गर्व है। अंकिता ने तिरंगा लहराकर माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर राज्य सरकार के न्याय एवं सशक्तिकरण के छत्तीसगढ़ मॉडल को भी प्रदर्शित किया।
रूस-जॉर्जिया बॉर्डर पर स्थित माउंट एल्ब्रुस चोटी यूरोप की सबसे ऊंची चोटी है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 5 हजार 642 मीटर यानी 18,510 फीट है, वहीं माउंट एवरेस्ट 8 हजार 849 मीटर ऊंचा है। एक तरफ जहां 15 अगस्त को पूरा देश ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के रंग में रंगा हुआ था, वहीं छत्तीसगढ़ की बेटी अंकिता ने माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा लहराकर देश-प्रदेश को गौरव से भर दिया।यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस में तापमान माइनस 25-30 और हवा की गति 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा थी। ऐसी विषम परिस्थितियों में अंकिता ने सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। वहीं उन्होंने हाथ में एक बैनर भी पकड़ा हुआ था, जिस पर राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर के साथ ऊपर लिखा हुआ था- ‘न्याय और सशक्तिकरण का छत्तीसगढ़ मॉडल’ और नीचे लिखा था- ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’.
माउंटेनियर अंकिता गुप्ता ने स्वतंत्रता दिवस के दूसरे दिन 16 अगस्त को यूरोप महाद्वीप में स्थित माउंट एल्ब्रुस (पूर्व), जिसकी ऊंचाई 5,621 मीटर है, उस पर भी सुबह 4 बजकर तिरंगा लहराया। अंकिता ने माउंट एल्ब्रुस की दोनों चोटियां पूर्व और पश्चिम को फतह कर लिया है। जनवरी महीने में अंकिता ने लेह-लद्दाख के यूटी कांगड़ी की 6,080 मीटर (19,914 फीट) पर माइनस 39 डिग्री में भी तिरंगा लहराया था।इन दोनों चोटियों को छत्तीसगढ़ के किसी भी पर्वतारोही ने आज तक फतह नहीं किया था। अंकिता ने इन चोटियों को फतह करने के बाद कहा कि ये सफलता मेरे देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों को समर्पित है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार, प्रदेशवासियों और कवर्धावासियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सातों महाद्वीपों की चोटियों पर तिरंगा लहराना है।