इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1 अप्रैल 2022 से 31 अगस्त 2022 तक 1.97 करोड़ करदाताओं को 1.14 लाख करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया है। इसमें से 61 हजार 252 करोड़ रुपए का रिफंड पर्सनल इनकम टैक्स रिफंड के रूप में 1.96 करोड़ करदाताओं को दिया है। वहीं 1.47 लाख करदाताओं को 53 हजार 158 करोड़ रुपए का कॉरपोरेट टैक्स रिफंड दिया है।जिस बैंक खाते में इनकम टैक्स रिफंड आना है उस बैंक खाते को प्री-वैलिडेट (पहले से सत्यापित) करा लें। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद यदि आपका कोई रिफंड बनता है तो वह आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) के जरिए मिलता है। इसके लिए जरूरी है कि आपका बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट हो ताकि आपको रिफंड मिलने में देरी न हो।
आपने रिटर्न समय पर फाइल कर दिया, लेकिन हो सकता है कि आपने ITR का वेरिफिकेशन नहीं किया। जब तक आप वेरिफाई नहीं करेंगे, आपका रिटर्न प्रोसेस नहीं होगा। यानी, जो ITR आपने दाखिल किया है, उसको वैरिफाई करना जरूरी है। यह भी रिफंड मिलने में देरी का कारण हो सकता है।CA अभय शर्मा के मुताबिक आयकर विभाग की ओर से भेजे गए ई-मेल का जवाब न देने के कारण भी रिफंड अटक सकता है। आयकर विभाग की ओर से भेजे गए ई-मेल में करदाताओं से उनकी बकाया मांग, उनके बैंक खाते तथा रिफंड में किसी तरह के अंतर के बारे में जानकारी मांगी जाती है। इसकी जानकारी सही समय पर न देने पर भी आपका रिफंड अटक सकता है।