NDA से अलग होने के बाद बिहार के CM नीतीश कुमार तीन दिनों के सियासी दौरे पर सोमवार को दिल्ली पहुंचे। कुमार सबसे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मिलने उनके आवास गए। दोनों नेताओं की मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली।
खुद के प्रधानमंत्री बनने के सवालों पर नीतीश ने कहा, ‘मेरी ऐसी कोई इच्छा नहीं है। मैं यही चाहता हूं कि विपक्ष की सभी पार्टियां एक साथ आएं और भाजपा के खिलाफ लड़ें। भाजपा क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।’ नीतीश कुमार 7 सितंबर को राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगे।दिल्ली निकलने से पहले नीतीश कुमार बिहार में अपने नए साथी आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव से मिलने उनके घर गए। नीतीश दिल्ली के तीन दिनों के दौरे पर विपक्ष के कई अन्य नेताओं से भी मिलेंगे। वे अरविंद केजरीवाल से भी मिल सकते हैं और विपक्षी एकता की मुहिम में उन्हें भी शामिल करने की कोशिश करेंगे।मुख्यमंत्री नीतीश दिल्ली में ओमप्रकाश चौटाला के परिवार के सदस्यों के साथ मुलाकात करेंगे। सीताराम येचुरी सहित वामदल के नेताओं के साथ भी उनकी मीटिंग होनी है। कल दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, लेफ्ट पार्टी के नेताओं से भी मुलाकात संभव है। एक दिन पहले JDU की कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने विपक्ष के नेताओं को एकजुट करने की बात कही थी।जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने बताया कि तीसरे मोर्चे को लेकर विपक्षी दलों में काफी जोश है। सभी मन से चाहते हैं कि भाजपा के खिलाफ एक तीसरा मोर्चा तैयार हो। इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार विपक्षी नेताओं से मिलते रहेंगे।