जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार 27 सितंबर को होगा। वर्तमान प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने मंगलवार को कहा- शिंजो की प्रतीकात्मक अंतिम विदाई समारोह पर 95 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। कार्यक्रम में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे।
27 सितंबर को अंतिम विदाई का कार्यक्रम टोक्यो के किटानोमारू नेशनल गार्डन में होगा। इसमें आबे की अस्थियों का कलश और फोटो रखी जाएगी। विपक्ष और कुछ संगठन सरकार पर टैक्स पेयर्स का पैसा बर्बाद करने का आरोप लगा रहे हैं। दूसरी तरफ, सरकार राजकीय अंतिम संस्कार के फैसले पर अड़ी है।
शिंजो आबे की नारा शहर में 8 जुलाई को हत्या हुई थी। पारिवारिक तौर पर आबे का अंतिम संस्कार 15 जुलाई को हुआ था। जापान की सरकार आबे को अब राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई देगी। प्रतीकात्मक विदाई की वजह यह है कि निजी समारोह में राष्ट्राध्यक्ष शामिल नहीं हो सके थे। अंतिम संस्कार में PM मोदी और अमेरिका के पूर्व प्रधानमंत्री बराक ओबामा समेत कई बड़ी हस्तियां और राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो सकते हैं।
शिंजो जब एक चुनावी रैली में स्पीच दे रहे थे तब उन्हें पीछे से गोली मारी गई थी। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई थी। हमलावर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके निधन पर भारत में भी एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया था।शिंजो की प्रतीकात्मक विदाई में सरकार खर्च कर रही है, अमूमन जापान में रॉयल फैमिली और प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार सरकारी खर्च पर नहीं किया जाता। ये परंपरा है। सभी फ्युनरल फंक्शन पारिवारिक लोग करते हैं। आबे का राजकीय अंतिम संस्कार सरकार कर रही है। यही वजह है कि इसका विरोध हो रहा है। विपक्ष और आम जनता को लगता है कि सरकार के खर्च पर आबे का अंतिम संस्कार पैसे की बर्बादी है।