सीएम डॉ. रमन सिंह की नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा सरकार ने 2012 में अधिसूचना जारी कर आरक्षण का दायरा बढ़ाते हुए एसटी को 32 फीसदी, एससी को 12 और ओबीसी वर्ग को 14 फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया था।तत्कालीन गृह मंत्री ननकीराम कंवर की अध्यक्षता में बनी मंत्रिमंडलीय उप समिति की रिपोर्ट को दबाए रखा। इन्हीं कारणों से आरक्षण को रिवर्ट करने का फैसला बिलासपुर हाईकोर्ट ने हालही में सुनाया है। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के नियत में खोट था इसलिए उन्होंने कोर्ट को सहीं तथ्य नहीं दिए और 58 प्रतिशत आरक्षण का फैसला रद्द हुआ। उक्त बातें प्रदेश के उद्योग व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने स्थानीय सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान कही।