छत्तीसगढ़ में कृषि उपज मंडियों की खाली जमीनों पर रूरल इंडस्ट्रियल पार्क शुरू हो सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषि उपज मण्डी की खाली पड़ी जमीन में पार्क प्रारंभ करने के सुझाव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, मंडियों में शेड और चबूतरे बने हैं, लेकिन इनका उपयोग नही हो पा रहा है। यहां रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क शुरू किए जा सकते हैं। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में भी यदि अर्बन इंडस्ट्रीयल पार्क प्रारंभ किए जाएं और इससे युवाओं को जोड़ा जाए तो बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री गुरुवार को सीएम हाउस में गोधन न्याय योजना से जुड़े लोगों को उनके हिस्से की धनराशि के ट्रांसफर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने मण्डी बोर्ड की खाली जमीन पर कृषि सेवा केन्द्र प्रारंभ करने, गौठानों में विभिन्न आय मूलक गतिविधियों के लिए महिलाओं और युवाओं की ट्रेनिंग शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोठानों में अब तक 53 हजार 231 लीटर गौ मूत्र खरीदा जा चुका है। उससे तैयार कीट नियंत्रक ब्रम्हास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत की बिक्री से महिला समूहों को 10 लाख पांच हजार रुपए की आय भी हुई है। छत्तीसगढ़ में 69 कृषि उपज मंडी समितियां हैं। वहीं 118 उप मंडियां हैं। इनके पास अपनी जमीन और शेड आदि है। पिछली सरकार भी मंडियों के अन्यत्र उपयोग पर मंथन कर रही थी। इस बैठक में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. अय्याज एफ. तम्बोली, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक अवनीश शरण आदि मौजूद रहे।