पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से बड़ी राहत मिली है। इंटरनेशनल मॉनिटरिंग एजेंसी ने शुक्रवार को पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया है। पाकिस्तान को 2018 में इस सूची में डाला गया था। मॉनिटरिंग एजेंसी का दावा है कि पाकिस्तान ने टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग की अपनी समस्या में सुधार किया है। FATF की ग्रे लिस्ट में होने के कारण पाकिस्तान को बैंक और अन्य संस्थाओं से सहयोग नहीं मिल पा रहा था।
किसी देश को ग्रे लिस्ट में रखने या न रखने का फैसला FATF का ही एक संगठन इंटरनेशनल कोऑपरेशन रिव्यू ग्रुप ( ICRG ) करता है। ग्रे लिस्ट में होने की वजह से पाकिस्तान को IMF, वर्ल्ड बैंक और एशिया डेवलपमेंट बैंक से मदद लेने में मुश्किल आ रही थी।
ग्रे लिस्ट में वे देश शामिल होते हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गुटों को मिलने वाली आर्थिक मदद पर अंकुश लगाने में कोताही बरतते हैं। ग्रे लिस्ट में आने से पाकिस्तान को हर साल लगभग 10 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो रहा था।