उत्तराखंड के जोशीमठ में स्थिति गंभीर बनी हुई है। सोमवार शाम को इमारतों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र की एक टीम यहां पहुंची है। टीम आज ही राज्य सरकार को रिपोर्ट सौपेंगी।
उधर, राज्य सरकार ने जोशीमठ को तीन जोन में बांटने का फैसला किया है। ये जोन होंगे- डेंजर, बफर और सेफ जोन। जोन के आधार पर शहर के मकानों को चिह्नित किया जाएगा।
डेंजर जोन में ऐसे मकान होंगे जो ज्यादा जर्जर हैं और रहने लायक नहीं हैं। ऐसे मकानों को मैन्युअली गिराया जाएगा, जबकि सेफ जोन में वैसे घर होंगे जिनमें हल्की दरारें हैं और जिसके टूटने की आशंका बेहद कम है। वहीं, बफर जोन में वो मकान होंगे, जिनमें हल्की दरारें हैं, लेकिन दरारों के बढ़ने का खतरा है। बता दें कि एक्सपर्ट्स की एक टीम दरार वाले मकानों को गिराने की सिफारिश कर चुकी है।