अमेरिका में दिख रहे जासूसी बैलून को सेना ने मार गिराया। राष्ट्रपति जो बाइडेन के आदेश के बाद यह एक्शन लिया गया। सेना ने इस तरह प्लान बनाया था कि बैलून का मलबा समुद्र में गिरे, जिससे आम लोगों को नुकसान न हो। समुद्र से बैलून का मलबा निकालने का काम शुरू कर दिया गया है।
3 फरवरी को पेंटागन के ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा था- हमें रिपोर्ट्स मिल रही हैं कि एक और बैलून लैटिन अमेरिका की तरफ से आ रहा है। हमारा अंदाजा है कि यह एक और जासूसी बैलून है, जो चीन का ही है। इसके बाद चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था- चीन ने कभी किसी देश की सीमा या एयरस्पेस का उल्लंघन नहीं किया है। अमेरिका के कुछ नेता और मीडिया इस घटना की आड़ में चीन की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले को शांति से सुलझाया जाना चाहिए।