यूरोप, साइबेरिया, रूस, मंगोलिया एवं अन्य ठंडे देशों में अक्टूबर माह से ही बर्फबारी शुरू होने, बर्फ की चादर ढकने से पक्षियों को अत्यधिक ठंड के कारण भी उनका जीवन यापन कठिन हो जाता है। ऐसे में पक्षी भारत आते हैं। खासकर जांजगीर जिले के कोटमीसोनार में इनका जमावड़ा लगता है।
4 हज़ार किलोमीटर की दूरी सेंट्रल एशियन फ्लाई अवे के माध्यम से प्रवासी पक्षी यूरोप से भारत होते हुए अफ्रीका तक पहुंचते हैं। भारत देश में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है। अक्टूबर से मार्च तक 6 माह तक प्रवासी पक्षी भारत में प्रवास करने के पश्चात अपने देश वापस लौट जाते हैं। ऐसे में जांजगीर जिले के ग्राम कोटमीसोनार में स्थित क्रोकोडाइल पार्क में पार्क के अंदर स्थिर रूप से पानी का जमाव, पार्क के अंदर हरे भरे वृक्ष , प्रवासी पक्षियों को भोजन के लिए मछली, छोटे-छोटे कीट पतंग एवं अन्य आहार उपलब्ध होने के कारण यहां बड़ी संख्या में पक्षी आते हैं।