सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अडाणी ग्रुप के खिलाफ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से जुड़ी दो जनहित याचिकाओं (PIL) पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की बेंच ने सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से भविष्य में निवेशकों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं इसके सुझाव देने को कहा। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे इस मामले पर सोमवार को पूरी जानकारी के साथ आएं।
एडवोकेट एमएल शर्मा और विशाल तिवारी ने ये जनहित याचिका दायर की है। याचिकाओं में दावा किया गया है कि अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग ने अडाणी के शेयरों शॉर्ट सेल किया जिससे ‘निवेशकों को भारी नुकसान’ हुआ। तिवारी ने कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने देश की छवि को धूमिल किया है। यह अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
वहीं शर्मा की याचिका में दावा किया गया है कि रिपोर् पर मीडिया प्रचार ने बाजारों को प्रभावित किया, और हिंडनबर्ग के फाउंडर नाथन एंडरसन भी भारतीय नियामक सेबी को अपने दावों का प्रमाण देने में विफल रहे। याचिकाओं में अदालत की निगरानी में जांच के साथ हिंडरबर्ग के खिलाफ FIR की मांग की गई थी।