मल्लिकार्जुन खड़गे बोले-लगाकर आग, बहारों की बात करते हैं:

मल्लिकार्जुन खड़गे बोले-लगाकर आग, बहारों की बात करते हैं:

नवा रायपुर में चल रहे कांग्रेस महाधिवेशन के दूसरे दिन अपने अभिभाषण में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वह कविता पढ़ी जिसे सदन की कार्यवाही से डिलीट कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि इसी कविता को असंवैधानिक बताते हुए उनकी सैलरी भी काट ली गई।

नजर नहीं है नजारों की बात करते हैं
जमीं पर चांद सितारों की बात करते हैं
वो हाथ जोड़कर बस्ती को लूटने वाले
भरी सभा में सुधारों की बात करते हैं
बड़ी हसीन है उनके जबान की जादू
लगाकर आग बहारों की बात करते हैं

उन्होंने पूछा कि बताइए क्या गलत है, इस कविता में, फिर कहा कि ठीक है अगर आप संसद में नहीं पढ़ने देंगे तो हम लोगों के बीच जाकर पढ़ेंगे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अडानी का नाम लिए बगैर उनकी दोस्ती पर कई तंज कसे। संबोधन के शुरुआती करीब 4 मिनट तक राहुल की तारीफ की और उन्हें भारत के भविष्य की उम्मीद बताया।

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