3 मई को कुकी और मैतेई समुदाय के बीच मणिपुर में शुरू हुए जातीय हिंसा को दो महीने से ज्यादा वक्त बीत चुके हैं, फिर भी भड़की इस हिंसा की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। इस हिंसा के कारण मणिपुर के ज्यादातर हिस्सों में दहशत का माहौल है। वहीं हजारों लोग बेघर हो गए हैं, जो विस्थापित होकर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। इस बीच खबर आ रही है कि विष्णुपुर जिले में कुकी उग्रवादियों में अंधाधुंध फायरिंग की जिसमें एक किशोर की जान चली गई।एक किशोरे की जान जाने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपना गुस्सा जाहिर किया। गुस्साए स्थानीय पुरुष और महिलाओं ने मोइरांग में सड़कों पर देर तक प्रदर्शन किया। मिली सूचना के मुताबिक बड़ी संख्या में कुकी उग्रवादियों ने दुसरे समुदाय के लोगों के ऊपर हमला बोल दिया। जब तक वो संभल पाते तब तक एक किशोर को गोली लग गई।