उत्तराखंड विधानसभा में बुधवार पेश समान नागरिकता संहिता बिल पास हो गया है। इसके साथ ही उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। बता दें कि समान नागरिक संहिता विधेयक को ‘वंदे मातरम’ और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ मंगलवार को विधानसभा में पेश किया गया था।
विधेयक में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति में माता-पिता के अलावा उसकी पत्नी और बच्चों को समान अधिकार का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा संपत्ति बटवारे में लड़की का समान हक सभी धर्मों में लागू होगा। किसी अन्य धर्म या जाति में विवाह करने पर भी लड़की के अधिकारों का हनन नहीं होगा और सभी धर्मों में विवाह की आयु लड़की के लिए 18 वर्ष अनिवार्य होगी।