पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का संदेशखाली सियासी जंग का अखाड़ा बन गया। इलाके में पिछले कुछ दिन से विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। विवाद के केंद्र में स्थानीय तृणमूल नेता शेख शाहजहां, उसके सहयोगी शिबू सरदार और उत्तम हाजरा हैं। इन तीनों पर रात में स्थानीय महिलाओं के यौन उत्पीडऩ और जमीनों पर जबरन कब्जा करने के आरोप हैं। बात राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने संदेशखाली पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपी गई रिपोर्ट में यह सिफारिश की है। आयोग के प्रमुख अरुण हलदर का कहना है कि राज्य में अपराधियों ने सरकार से गठजोड़ कर लिया है। सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी क्षेत्र का दौरा करने के बाद कहा, राष्ट्रपति शासन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। उधर भाजपा ने महिलाओं की सुरक्षा में फेल होने का आरोप लगाते हुए सीएम ममता बनर्जी का इस्तीफा मांगा है, जबकि टीएमसी ने भाजपा पर सियासी फायदे के लिए विवाद को भडक़ाने का आरोप लगाया।