गर्मी में बिजली की मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने गैस आधारित सभी बिजलीघरों (जीबीएस) को एक मई से 30 जून तक चालू रखने का आदेश दिया है। इससे लोगों को बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। कई गैस-आधारित बिजलीघरों का फिलहाल व्यावसायिक कारणों से इस्तेमाल नहीं हो रहा है। बिजली मंत्रालय ने गर्मी (अप्रैल से जून) में 260 गीगावाट अधिकतम मांग का अनुमान लगाया है।पिछले साल सितंबर में बिजली की अधिकतम मांग 243 गीगावाट के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। मंत्रालय के बयान के मुताबिक ग्रिड इंडिया गैस-आधारित बिजलीघरों को पहले सूचित करेगा कि बिजली की जरूरत कितने दिन के लिए है। वितरण लाइसेंसधारकों के साथ बिजली खरीद समझौते (पीपीए) रखने वाले बिजलीघर पहले इन्हें बिजली की पेशकश करेंगे। अगर कोई पीपीए धारक इसका इस्तेमाल नहीं करता है तो इसे बिजली बाजार में पेश किया जाएगा।