चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि संसद द्वारा नए आपराधिक कानूनों में किए बदलाव इस बात का साफ संकेत है कि भारत बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नए आपराधिक न्याय कानूनों को समाज के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि भारत अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव के लिए तैयार है। वे शनिवार को दिल्ली में आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रशासन में भारत का प्रगतिशील पथ विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता समेत अन्य लोग मौजूद थे।
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि यह नए कानून तभी सफल होंगे जब हम नागरिक के तौर पर उन्हें अपनाएं। नए कानून ने क्रिमिनल जस्टिस पर भारत के कानूनी ढांचे को एक नए युग में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की हितों को प्रोटेक्ट करने के लिए अपराध की जांच व प्रॉसिक्यूशन (अभियोजन) कुशल तरीके से हो इसके लिए जरूरी बदलाव व सुधार किए गए हैं।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के 75 वें वर्षगांठ के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सरकार मौजूदा संदर्भ और बेहतरीन प्रथाओं के अनुसार कानून का आधुनिकीकरण कर रही है। आइपीसी, सीआरपीसी और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह बनाए गए तीनों नए कानून को एक जुलाई, 2024 से अमल में लाने के लिए नोटिफाई किया जा चुका है।