पांचवे चरण के चुनाव से पहले प्रचार में भावनात्मक और विभाजनकारी मुद्दों पर गरमाई राजनीति के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरोधियों पर सियासी हमले के लिए बुधवार को अपनी तरकश से नया तीर निकाला। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सरकार में थी तो बजट का 15 फीसदी हिस्सा अल्पसंख्यकों को आबंटित करना चाहती थी।
मोदी ने कहा कि हम धर्म के आधार पर न तो बजट बांटने देंगे और न ही नौकरियां। मोदी ने फिर कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर धर्म के आधार पर शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ थे। लेकिन, कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी का कोटा काटकर मुस्लिमों में बांटना चाहती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, जब मैं मुख्यमंत्री था तो मेरे सामने यह धर्म के आधार पर बजट बांटने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसका भाजपा ने पुरजोर विरोध किया। हमारे विरोध की वजह से ही कांग्रेस इस योजना को लागू नहीं कर सकी। कांग्रेस फिर इस प्रस्ताव को लाना चाहती है।
महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार करने पहुंचे मोदी ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी को फर्जी करार दिया और कहा कि चुनाव के बाद दोनों का कांग्रेस में विलय हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने नासिक और कल्याण में जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने मुंबई में रोड-शो किया।वाराणसी में मोदी ने बताया कि उनका बचपन मुस्लिम परिवारों के बीच ही बीता है। मेरे बहुत सारे मुस्लिम दोस्त हैं। 2002 के बाद मेरी छवि को खराब करने की कोशिश की गई है। ईद के मौके पर हम घर पर खाना भी नहीं बनाते थे क्योंकि हमारे आस-पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम पड़ोसियों के यहां से ही खाना आया करता था। यहां तक मुहर्रम पर हमें ताजिया करना भी सिखाया गया था।’