कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश में स्व-रोजगार गतिविधियों को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने शिल्प गतिविधियों के आधार पर जिलेवार प्रोजेक्ट तैयार किये जाने के निर्देश मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में दिये।
मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में हस्तशिल्प और हथकरघा के शिल्पी उपलब्ध हैं। आवश्यकता उनके द्वारा उत्पादित सामग्री को बाजार मुहैया कराये जाने की है। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प विकास निगम सहित विभाग के सभी शोरूम पर सभी तरह की उत्पादित सामग्री को प्रदर्शित और विक्रय के लिये उपलब्ध कराया जाये। इससे उत्पादों को अच्छे दामों पर विक्रय किया जा सकता है।
मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि रेशम उत्पादन गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जायेगा। उन्होंने रेशम उत्पादन केन्द्रों को पीपीपी मोड पर विकसित करने की संभावनाएँ तलाशने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये। वर्तमान में प्रदेश में 60 मीट्रिक टन कुकुन का उत्पादन हो रहा है, इसे बढ़ाये जाने की आवश्यकता है।