सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल के प्राचीनतम श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास बनने जा रहे श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने स्थल के निरीक्षण में छोला दशहरा मैदान के सर्व सुविधा युक्त विकास हेतु पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन में कम से कम विस्थापन हो,तथा श्रद्धालुओं व व्यवसायियों की सुविधा का पूर्ण ध्यान रखा जाए। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को सम्पूर्ण कार्य समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं तत्काल पूर्ण कर ली जाएं और नगर की आस्था के केंद्र की इस गौरवपूर्ण विरासत का विस्तृत रूपांकन स्थल की गरिमा के अनुरूप उच्च स्तरीय होना चाहिए। उन्होंने मंदिर के समक्ष दशहरा मैदान में वर्षा जल निकासी तथा आवागमन के लिए पर्याप्त प्रबंध किए जाने के भी निर्देश दिये।
योजना की प्रारंभिक लागत लगभग रु. 100 करोड़
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर शहर का सबसे प्राचीनतम मंदिर है। यह सदियों से भोपालवासियों की आस्था का केंद्र है। ‘विरासत भी और विकास भी’ के मनत्वय के साथ शहर की सबसे प्राचीन विरासत श्री खेड़ापति हनुमान जी के मंदिर को भव्य स्वरूप देने तथा श्रद्धालुओं को समस्त सुविधाएं उपलब्ध करने के लिए,श्री खेड़ापति हनुमान लोक का प्राथमिक रूपांकन प्लान तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को लोक निर्माण विभाग तथा नगर निगम भोपाल के द्वारा शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है। योजना की प्रारंभिक लागत लगभग रु. 100 करोड़ आने का अनुमान है,जिसमें से राशि रु. 25 करोड़ के कार्य प्रथम चरण में प्रारंभ किए जा रहे है।
लगभग 1 एकड़ में फैले मंदिर परिसर को संवारेंगे
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मंदिर परिसर को संवारने के कार्य में राजस्थान के व्हाइट मार्बल से प्राचीन वास्तुशिल्प नागर शैली के अनुरूप किया जाना प्रस्तावित है। इसमें श्रद्धालुओं को दर्शन हेतु सुगम कॉरिडोर तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं मंदिर प्रांगण में की जाएंगी। उन्होंने बताया कि लगभग 1 एकड़ में स्थित मंदिर परिसर को संवारने के साथ ही दशहरा मैदान के खुले रूप को संरक्षित रखते हुए, दर्शक दीर्घा, विंहगम दीर्घ मंच, रावण दहन स्थल,सार्वजानिक कार्यक्रमों हेतु अधोसंरचना तथा सुंदर काण्ड को दर्शाता हुआ भव्य गरिमायुक्त कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।