प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पिछले 1 वर्ष में मध्यप्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। आज मध्यप्रदेश में हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत हुई है। भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई के सपने को साकार करती हुई देश की पहली नदी जोड़ी परियोजना केन-बेतवा का आज यहाँ शिलान्यास हुआ है। इसके साथ ही देश के पहले फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, ओंकारेश्वर का भी शिलान्यास हुआ है। इसके लिए मध्यप्रदेश के “कर्मठ मुख्यमंत्री” डॉ. मोहन यादव की सरकार और यहां की जनता को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरूआत बुंदेलखंडी बोली में करते हुए कहा, ‘वीरों की धरती ई बुंदेलखंड पे रहबे बारे सबई जनन खों हमाई तरफ से हाथ जोड़के राम-राम पौंचे’। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश के विकास में अटल जी का योगदान सदैव याद रखा जाएगा। वे सुशासन के प्रतीक थे। आज उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर उनकी स्मृति में मध्यप्रदेश में 1153 अटल ग्राम सेवा सदन का निर्माण प्रारंभ हो रहा है, जिसकी पहली किश्त भी जारी की गई है। सुशासन हमारी सरकार की पहचान है। हमारे लिए जनहित, जनकल्याण और विकास सर्वोपरि है। हम जन सामान्य के लिए समर्पित हैं। आजादी के दीवानों ने देश के लिए अपना लहू बहाया था, हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए पसीना बहाते हैं। अच्छी योजनाओं के साथ ही उन्हें लागू करना और उनका लाभ 100% लाभार्थी तक पहुंचाना सुशासन का पैमाना है।
बुंदेलखंड क्षेत्र की समृद्धि और खुशहाली के द्वार खुलेंगे
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र की समृद्धि और खुशहाली के द्वार खुलेंगे। बुंदेलखंड क्षेत्र में बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष किया है, परंतु पूर्ववर्ती सरकारों ने जल संकट का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला। आजादी के सात दशक बाद भी राज्यों के बीच नदियों के जल के लेकर विवाद चलते रहे, परंतु उन्हें दूर करने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। जब अटल जी की सरकार बनी तो उन्होंने नदी जोड़ो के रूप में इसका स्थाई हल निकाला और उसका कार्य भी शुरू कर दिया गया, परन्तु 2004 के बाद वह बंद कर दिया गया। आज अटल जी का नदी जोड़ने का सपना मध्यप्रदेश की भूमि पर साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जल शक्ति और जल संसाधन के विकास के लिए लिए बाबा साहेब अंबेडकर के विजन और किए गए प्रयासों की सराहना भी की।
मां नर्मदा के आशीर्वाद से गुजरात का भाग्य बदला
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जल समस्या 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौतियों में एक है। वही देश आगे बढ़ेगा जिसके पास पर्याप्त जल और उसका उचित प्रबंध होगा। गुजरात में सूखा पड़ता था परंतु मां नर्मदा के आशीर्वाद से गुजरात का भाग्य बदल गया। मध्यप्रदेश ने सूखाग्रस्त गुजरात को जलयुक्त बनाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मैंने बुंदेलखंड की बहनों और किसानों से जो वादा किया था, आज मैं 45 हजार करोड़ रूपये की सिंचाई परियोजना के साथ उसे पूरा करने आया हूं। आज यहां दौधन बांध का शिलान्यास हुआ है। इससे जो नहर निकलेगी वो लगभग 11 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करेगी।
जल सुरक्षा और जल संरक्षण के रूप में याद किया जाएगा यह दशक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में यह दशक जल सुरक्षा और जल संरक्षण के दशक के रूप में याद किया जाएगा। देश में पिछले सात दशक में सिर्फ 3 करोड़ परिवारों के पास नल से जल पहुंचता था। हमारी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में 12 करोड नए परिवारों तक नल से जल पहुंचाया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए देशभर में 2100 वॉटर क्वालिटी लैब बनाए गए हैं और 25 लाख महिलाओं को शिक्षित किया गया है। शुद्ध पेयजल बीमारी से बचाव भी करता है।